0 कलेक्टर द्वारा गठित टीम की जांच में घोटाला आया सामने

0 30 लाख से ऊपर की राशि का हुआ है घोटाला

0 भैयाथान आदिमजाति सहकारी बैंक का मामला

चंचलेश श्रीवास्तव

सूरजपुर। किसानों के हक की रकम में डाका डालने वाले जिले के भैयाथान आदिम जाति सहकारी बैंक के प्रबंधक समेत चार कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस ने अपराध दर्ज किया है। उक्त अपराध किसानों के फसल बीमा घोटाला मामले में प्राथमिक जांच के बाद दर्ज किया गया है। प्राथमिक जांच में करीब 30 से 35 लाख रुपए का फर्जीवाड़ा सामने आने की बात कही जा रही है। आपको बता दें कि बीते दिनों भैयाथान ब्लॉक के बड़ी संख्या में किसान कलेक्टर से यह फरियाद लेकर पहुँचे थे कि फसल बीमा की राशि किसानों के खाते से आहरण कर ली गई है। किसानों के मुताबिक जिला सहकारी केंद्रीय मर्यादित बैंक भैयाथान में ग्राम पंचायत नवापारा, बीरमताल, खंडगवा सहित आसपास के कई ग्राम पंचायतों के किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत शासन द्वारा वर्ष 2018- 19 की राशि किसानों की खाते में जमा हुई थी। जिसे बैंक के अधिकारियों कर्मचारियों द्वारा आपस में मिलीभगत कर बिना किसानों के हस्ताक्षर व बगैर जानकारी दिए आहरण कर लिया गया है। राशि के लिए किसान जब बैंक में चक्कर लगाते थक गए तब किसानों ने क्षेत्र के जनपद सदस्य सुनील साहू के नेतृत्व में सोमवार को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। जिसमे किसानों द्वारा सात दिन के अंदर निराकरण करने की मांग की गई थी। ज्ञापन सौंपने के दौरान मार्तण्ड साहू,शांतनु गोयल,हृदय सिंह सौरभ साहू व किसान भरत कुमार ,आनंद राम ,रामचंद्र ,बंसीलाल, द्वारिका साहू, शोभाराम, डाउनलोड, भैयालाल, सुमारू साहू, बसंत संतोष, चंद्रिका, रामेश्वर, राजेंद्र प्रसाद, राधेश्याम, केवल राम, बहाल आदि शामिल थे। कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह ने मामले को गम्भीरता से लिया और जांच के आदेश दिए थे। जिसकी जांच नोडल अधिकारी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित अम्बिकापुर आनन्द सिंह, लीड बैंक मैनेजर सहकारी बैंक शिबू इपेंन, उप पंजीयक सहकारी संस्था जी एस शर्मा,नोडल अधिकारी जिला सहकारी बैंक गिरजा शंकर साहू की अगुवाई में की जा रही है। प्राथमिक जांच मे कृषकों के बीमा राशि के खाते से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर अवैध रूप से राशि आहरण करना सबूत पाया गया है। जिसकी रिपोर्ट भैयाथान थाने में दर्ज कराई गई है। जिस पर पुलिस ने धारा 420, 467, 468, 471, 120 (B), 34 भा०द०स० के तहत् अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है। मामले की चार सदस्यीय टीम द्वारा शिकायत की विस्तृत जांच की गई। जांच प्रतिवेदन अनुसार शाखा भैयाथान में पदस्थ तत्कालीन शाखा प्रबंधक जगदीश कुशवाहा निलंबित सहायक लेखापाल, रामकुमार सिंह संस्था प्रबंधक, सुबेदार सिंह लिपिक एवं सुनील यादव भृत्य के द्वारा बैकिंग प्रेक्टिस के विपरीत आपस में मिली भगत कर कुटरचित दस्तावेज तैयार कर किसानों के बैंक खाते से किसान के उपस्थित हुये बिना बाहरी व्यक्तियो, भृत्य सुनील यादव द्वारा भरे गये। विड्रालचेक से राशि निकाल कर गबन किया गया । तत्कालीन शाखा प्रबंधक जगदीश कुशवाहा निलंबित सहायक लेखापाल, राम कुमार सिंह संस्था प्रबंधक, सुवेदार सिंह लिपिक एवं सुनील यादव के विरुद्ध अपराध दर्ज किया गया है। जांच अभी जारी है माना जा रहा कि घोटाले में राशि और बढ़ सकती है साथ ही इस तरह के घोटाले जिले के अन्य हिस्सों में भी हो सकती है जिस पर जांच शुरू की गई है। बताया गया है कि उक्त फर्जीबाड़ा में और लोग भी संलिप्त हो सकते है जिनके नाम सामने आने पर अपराध दर्ज किया जाएगा।

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