बस मालिकों ने कहा वर्ष २०१८ के बाद नहीं बढ़ा है बस किराया, ४० प्रतिशत किराया बढ़ोतरी की मांग


अ िबकापुर. बस मालिकों ने छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ के बैनर तले गुरुवार को अनोखा प्रदर्शन करते हुए बसों को बारात के रूप में लेकर कलेक्टर को ज्ञापन देने कलेक्टोरेट पहुंचे। बसों के किराए में 40 प्रतिशत बढ़ोतरी की मांग को लेकर बस मालिकों का लगातार विरोध प्रदर्शन जारी है। बस मालिकों का कहना है कि वर्ष 2018 में अंतिम बार यात्री किराए में बढ़ोतरी की गई थी। उस समय डीजल की कीमत 60 रुपए थी, जो आज बढ़कर 9६ रुपए प्रति लीटर हो गई है। वही कोरोना संक्रमण की वजह से लगातार बसों का परिचालन भी बंद रहा अब ऐसे में बस मालिकों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है बसों के किराए में वृद्धि की मांग को लेकर संघ ने कलेक्टर के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा और उन्होंने कहा कि अगर मांग पूरी नहीं होगी तो वे आगामी दिनों में क्रमबद्ध तरीके से आंदोलन करेंगे।


गौतलब है कि बस किराया बढ़ायाए जाने की मांग को लेकर बस मालिकों का विरोध लगातार जारी है। गुरूवार को छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ के बैनर तले गुरुवार को अंबिकापुर में बस मालिकों द्वारा अनोखा प्रदर्शन किया गया। बस स्टैंड परिसर से दर्जनों की सं या में बस के साथ बारात निकाली। जो रिंग रोड होते हुए गांधी चौक पहुंची। इस दौरान छत्तीसगढ़ यातायात महासंग के बैनर तले बस मालिकों ने यात्री किराया बढ़ाने की मांग को लेकर शासन व जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। दर्जनों की सं या में बसों के साथ विरोध प्रदर्शन करते हुए बस मालिक गांधी चौक तक पहुंचे। इस दौरान शहर में जाम न लगे इस उद्देश्य से यातायात पुलिस ने गांधी चौक पर रोक दिया। बस मालिकों ने यातायात पुलिस की बात मानते हुए सभी बसों को गांधी चौक से पॉलिटेक्निक ग्रांड भेज दिया गया। इसके बाद दर्जनों की सं या में बस मालिकों ने अपने समर्थकों के साथ कलेक्टोरेट पहुंचे और संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष अतुल सिंह ने एसडीएम प्रदीप साहू को ज्ञापन सौंप कर यात्री किराया बढ़ाने, बसों एवं परमिटों के निष्प्रयोग के लिए २ माह की सीमा समाप्त कि जाने की मांग की। संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष अतुल सिंह ने बताया कि प्रदेश में १२ हजार बसें हैं। जिसमें ९ हजार संचालक हैं। वहीं २५०० बसें किस्त ना जामा करने के कारण फायनेशर ने सिज कर लिया है। कई लोग कोरोना की वजह से फार्म एवं एम फार्म न भर पाने के कारण लाखों रुपए की टैक्स की मार पड़ी है और बसें कंडम हो गई है। प्रदर्शनकारियों के पहुंचने से पूर्व की कलेक्टोरेट के मुध्य गेट को सीएसपी के नेतृत्व में बंद करा दिया गया था। विरोध प्रदर्शन कर रहे बस मालिकों को गेट के बाहर ही रोक दिया गया और एसपीएम ने ज्ञापन लिया। इस दौरान जगह-जगह पुलिस बस तैनात किए गए थे। ताकि किसी तरह की कोई परेशानी न हो।

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