राजू ठाकुर – बलरामपुर – जिले के शंकरगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता हासिल हुई है। शंकरगढ़ की पुलिस ने नौकरी के नाम पर ठगी करने वाली सालेंन तिग्गा महिला को गिरफ्तार किया है। शंकरगढ़ थाना प्रभारी उमेश बघेल ने बताया की महिला दुर्गापुर स्कूल में चपरासी के पद पर कार्यरत के विरुद्ध 8 लोगों के द्वारा आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई गई थी कि महिला के द्वारा इनके नौकरी के नाम से लगभग ₹28 लाख की ठगी की गई है।

पुलिस ने आवेदन के पश्चात मामला दर्ज कर महिला की तलाश शुरू की जिसमें पुलिस ने महिला को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। गिरफ्तार करने के पश्चात पुलिस जब इससे पूछताछ की गई पूछताछ के दौरान जुर्म करना स्वीकार किया गया इसके साथ ही उसके द्वारा अन्य जगहों से ₹3 लाख और नौकरी के नाम से लेना स्वीकार किया गया। जिसके साथ ठगी की राशि ₹31 लाख तक पहुंच गई। शंकरगढ़ पुलिस ने बताया कि प्रार्थी सुशील लकड़ा ने बताया की सालेंन तिग्गा के द्वारा मेरी बहन सुबानी लकड़ा से बोली कि तेरा भाई बेरोजगार है हाईकोर्ट, तहसील में नौकरी का इंटरव्यू आने वाला है जहां मैं कुछ लोगों को जानती हूं वह पैसा लेकर नौकरी लगा देंगे जिसके एवज में ₹2 लाख 80 हजार की मांग की गई। जिसके बाद प्राथी द्वारा मेरे नाम और मेरी बहन के नाम अलग-अलग दिनांक को ₹4 लाख दिया गया। शंकरगढ़ निवासी दिलीप गड्सरा के द्वारा अपने दोनों बच्चे की नौकरी लगाने के नाम से ₹5 लाख 60 हजार, बुधन पैकरा यशवंतपुर से ₹2 लाख 80 हजार, रमेश पैकरा डीपाडीह कला से बच्चों की नौकरी लगाने के नाम से ₹2 लाख 80 हजार, पवित्रा सिदार दुर्गापुर खुद की नौकरी लगवाने के नाम पर ₹2 लाख 30 हजार, संगीता पन्ना ग्राम जमड़ी की नौकरी लगवाने के नाम पर ₹2 लाख 10 हजार ग्राम मानपुर के लेदु लकड़ा से उनकी बहन भांजी,भांजा के नाम नौकरी लगाने के नाम से झांसा देकर ₹8 लाख 40 हजार कुल 2 लाख 80 हजार रुपए की ठगी की गई रिपोर्ट पर थाना शंकरगढ़ में अपराध धारा 420,34 भादवी के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। जहां शंकरगढ़ थाना प्रभारी उमेश बघेल ने पुलिस अधीक्षक बलरामपुर रामकृष्ण साहू अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत कतलम के निर्देशन एवं पुलिस अधिकारी मनोज तिर्की के मार्गदर्शन में टीम गठित कर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी सालेंन तिग्गा पति स्वर्गीय वीर साय तिग्गा उम्र 50 वर्ष उसको पुलिस ने शंकरगढ़ के द्वारा घेराबंदी करते हुए अभिरक्षा में लेकर पूछताछ किया गया जहां महिला के द्वारा अपराध करना स्वीकार किया गया। महिला ने बताया की पति की मृत्यु के बाद इसके अनुकंपा नियुक्ति नहीं हो रही थी जिसे बुधराम उर्फ मुन्नू केरकेटा के माध्यम से लगाना बताया। बुधराम उर्फ मुन्नू केरकेटा के कहने पर इसके द्वारा गांव में अन्य बेरोजगारों को नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेना एवम बुधराम उर्फ मुन्नू केरकेटा को देना बताया गया। इतना ही नहीं महिला ने बताया कि ग्राम भिलाई खुर्द के दीपक यादव रमेश यादव से नौकरी लगाने के नाम पर ₹2 लाख 30 हजार एवं ग्राम जोरी धौलपुर निवासी अमरजीत यादव से ₹1 लाख 10 हजार ठगी करना स्वीकार किया गया। जहां पुलिस ने आरोपी महिला को अपराध घटित कर ना पाए जाने पर गिरफ्तार करते हुए न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।

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