अंबिकापुर. मजदूरों के अपने घर जाने का सिलसिला जारी है। मजदूरों को किसी तरह सिर्फ और सिर्फ घर पहुंचना है। कई लोग भेख-प्यासे सैकड़ों किलोमीटर का सफर करने को विवश हैं। तेज धूप व रास्ते में समय पर खाना न मिलने के कारण कई की तबियत खराब हो चुकी है, इसके बावजूद वे रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। गुरुवार को कई मजदूरों का जत्था शहर से होते यूपी, बिहार, झारखंड की ओर जाते देखा गया। कई लोग ट्रकों में भेड़ बकरियों की तरह भरकर जा रहे थे तो कई पैदल व साइकिल से सफर तय रहे थे।
कोरोना की भयावह स्थिति के कारण लोग विवश हो चुके हैं। लोगों की रोजी-रोटी छिन गई है। हर रोज मजदूर पलायन कर रहे हैं। मजदूरों का पलायन का सिलसिला जारी है। दिनों-दिन इनकी सं या बढ़ती ही जा रही है। महाराष्ट, ओडि़शा, रायपुर से कई मजदूरों का जत्था गुरुवार को अंबिकापुर के रास्ते से बिहार, यूपी, व झारखंड जाता दिखा। कई मजदूर पैदल व साइकिल से सफर करते दिखे। वहीं कई ऐसे मजदूर थे जो भेड़-बकरियों की तरह ट्रक व मालवाहक वाहनों में सवार थे। सभी मजदूरों के चेहरे पर बेबसी व उदासी दिख रही थी।
कई मजदूरों की हालत खराब
भारी सं या में मजदूरों का जत्था अपने घर वापसी के लिए निकल पड़े हैं। रास्ते में जो साधन मिला उसपर सवार होकर किसी तरह घर पहुंचने की उ मीद के साथ निकल पड़े हैं। कई मालवाहक वाहन में सैकड़ों की सं या में सवार होकर मजदूर अंबिकापुर के रास्ते अपने घर जाते देखे गए। इस दौरान कई मजदूर भूख-प्यासे भी थे। वहीं कई मजदूरों को तेज धूप के कारण तबियत बिगड़ चुकी थी।
तेज धूप में सफर कठिन
एक ओर मई माह की तेज धूप में के कारण लोग अपने घरों से निकलने से बचते हैं, वहीं मजदूर चिलचिलाती धूप में पैदल, साइकिल व खुले वाहन में सवाहर होकर सैकड़ों किलोमीटर का सफर करने को विवश हैं।

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