मनेंद्रगढ़ (शुद्धूलाल वर्मा) !जनपद पंचायत मनेंद्रगढ़ के अध्यक्ष विनय श॑कर सिंह ने पर्यटन स्थलों व पिकनिक स्पॉट में सैलानियों द्वारा की जा रही गंदगी की चिंता करते हुए कहा कि अगर पिकनिक स्पॉट में इसी तरह की गंदगी की जाएगी तो आने वाले समय में पर्यावरण व जल प्रदूषण का गंभीर खतरा उत्पन्न हो जाएगा ! उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि प्लास्टिक मूल रूप से नुक़सानदेह नहीं होता, लेकिन प्लास्टिक के थैले अनेक हानिकारक रंगों, रंजक और अन्य तमाम प्रकार के अकार्बनिक रसायनों को मिलाकर बनाए जाते हैं। रंग और रंजक एक प्रकार के औद्योगिक उत्पाद होते हैं, जिनका इस्तेमाल प्लास्टिक थैलों को चमकीला रंग देने के लिए किया जाता है। इनमें से कुछ रसायन कैंसर को जन्म दे सकते हैं और कुछ खाद्य पदार्थों को विषैला बनाने में सक्षम होते हैं। रंजक पदार्थों में कैडमियम जैसी जो धातुएं होती हैं, वो सेहत के लिए बेहद नुक़सानदेह हैं। थोड़ी-थोड़ी मात्रा में कैडमियम के इस्तेमाल से उल्टियां हो सकती हैं और दिल का आकार बढ़ सकता है। लम्बे समय तक जस्ता के इस्तेमाल से मस्तिष्क के ऊतकों का क्षरण होने लगता है।हालांकि पर्यावरण और वन मंत्रालय ने रि-साइकिल्ड प्लास्टिक मैन्यूफैक्चर एंड यूसेज़ रूल्स-1999 जारी किया था। इसे 2003 में पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम-1968 के तहत संशोधित किया गया है, ताकि प्लास्टिक की थैलियों और डिब्बों का नियमन और प्रबंधन सही तरीक़े से किया जा सके। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने धरती में घुलनशील प्लास्टिक के 10 मानकों के बारे में अधिसूचना जारी की थी, मगर इसके बावजूद हालात वही ‘ढाक के तीन पात’ वाले ही हैं। जनपद पंचायत मनेंद्रगढ़ अध्यक्ष डॉक्टर विनय श॑कर सिंह ने कहा कि कोरिया जिला के पर्यटन केंद्रों ,पिकनिक स्पॉट में सैलानियों के द्वारा फैलने वाले प्लास्टिक बॉटल्स और थर्माकोल प्लास्टिक प्लेट्स से पर्यावरण और जल प्रदूषण आने वाले समय मे पूरे जिले में एक विकराल समस्या बनकर उभरेगा।समय रहते इनके उचित प्रबंधन की व्यव्स्था अगर नहीं किया गया तो आने वाले समय मे जिले की एक बहुत बड़ी आबादी में कैंसर जैसे विकराल बीमारी के चपेट में आने की संभावना बहुत बढ़ जाएगी और आने वाली पीढ़ियों में गंभीर बीमारियों के लक्षण आम हो चलेगा। डॉ विनय शंकर सिंह ने कहा कि मैं पेशे से एक दंत चिकित्सक हूँ और देख रहा हूँ कि विगत के वर्षों में मुख कैंसर इस प्रकृति की गोद मे बसे कोरिया जिले में जिस तेज गति से पैर पसारा है उससे भी तेज गति से शरीर के अन्य अंगों में कैंसर के भयावह लक्षण देखने को मिलेंगे और इन सबके पीछे कारण होगा , बहुत तेज गति से हमारे जीवन शैली में होने वाला बदलाव। आज हम कोरिया जिले वासी अपने परिवार और मित्रों के साथ पिकनिक स्पॉट और पर्यटन स्थलों में जाते हैं ,खाते पीते मस्ती एन्जॉय करते हैं और जब वापस आते हैं तो हम अपने पीछे छोड़ आते हैं प्लास्टिक और थर्मोकोल के कचरे ।और यह कचरा नदी के जल में प्रवाहित होकर आगे बढ़ते हुए स्टॉप डैम तक रुकता है।नदियों के किनारे रेत में दबा रहता है ।जब आने वाले दिनों में गर्मी बढ़ेगा तापमान बढ़ेगा तो यही रेत के नीचे दबे कचरो के द्वारा विभिन्न प्रकार के विषैले रासायनिक पदार्थो का उत्सर्जन होगा जो पानी मे मिलकर पुनः पीने के लिए शहरी पाइप लाइनों के माध्यम हम और हमारे परिवार तक पहुँचेगा। शहरी फिल्टर प्लांट में एलम के माध्यम से पानी की सफाई की जाती है जो पानी मे घुल चुके इन रासायनिक जहर को साफ करने में असमर्थ हैं।


आप खुद ही अंदाजा लगा सकते हैं कि पर्यावरण के प्रति इतनी गंभीर लापरवाही आने वाले समय मे हमे और हमारी पीढ़ियों को तबाह करने के लिए काफी हैं।इसलिए कैंसर जैसे भयावह बीमारी से पूरे मानव समुदाय पूरे कोरिया जिला वासियों को अगर बचाना है तो पर्यावरण सुरक्षा ,पिकनिक स्पॉट की सफाई व्यवस्था पर हम सभी को सोचना पड़ेगा हम सबको इसमें अपनी अपनी सहभागिता भी निभानी पड़ेगी।हमे अपनी जिम्मेदारियों को भी समझना होगा।

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