बलरामपुर(विकाश कुमार केशरी)- जल संसाधन विभाग के द्वारा नेशनल हाईवे 343 में तातापानी के समीप करीब 12 लाख रुपए लागत से स्वागत द्वार का निर्माण कराया गया था स्वागत द्वार के बनते ही भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे वही गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठे थे वहीं अब स्वागत द्वार के धराशाई हुए 6 माह से अधिक समय बीत गया परंतु अभी जल संसाधन विभाग इसकी सुध लेने की जहमत नहीं उठा रहा है। न स्वागत द्वार को बनवाने की पहल हो रही है न ही उसके कबाड़ को हटाने की पहल हो रही है।

                                     गौरतलब है रजबन्धा तालाब योजना जिसकी नेशनल हाईवे 343 से दूरी करीब 2 किलोमीटर है इसे प्रदर्शित करने के लिए जल संसाधन विभाग के द्वारा स्वागत द्वारा बनवाया गया था स्वागत द्वार के लिए विभाग के द्वारा करीब 12 लाख रुपए खर्च कर दिए गए परंतु यह स्वागत द्वार दो से तीन लाख रुपए लागत के से अधिक के नहीं है। स्वागत द्वार बनने के साथ ही भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे एवं इसकी शिकायत भी हुई थी। स्वागत द्वार इसे बनाने के लिए जल संसाधन विभाग के द्वारा करीब 12 लाख रुपए खर्च कर दिए गए परन्तु स्वागत द्वार बनाने में मुश्किल से 2 से 3 लाख भी नहीं लगे होंगे। परंतु स्वागत द्वार बनने के साथ ही झुक गया था वही करीब 6 माह पूर्व वह टूट गया स्थिति ऐसी रही कि यातायात विभाग के द्वारा स्वागत द्वार को किनारे किया गया परंतु जल संसाधन विभाग इसे देखने की जहमत भी नहीं उठा पा रहा है अब स्थिति यह है कि अभी भी स्वागत द्वार कबाड़ के रूप में वहीं पर पड़ा हुआ है विभाग ने इसे हटवा रहा है न बनवा रहा है।

पूरे जिले में बने हैं दर्जनों स्वागत द्वार- जल संसाधन विभाग के द्वारा पूरे जिले में 12-12 लाख रुपए लागत से करीब स्वागत द्वार बनवाए गए हैं सभी स्वागत द्वार मुश्किल से 2 से 3 लाख  भी नहीं लगे होंगे परंतु भुगतान पूरा किया गया यदि जितनी राशि खर्च की गई उतनी राशि लगाई गई होती तो स्वागत द्वार देखने लायक होता।

भ्रष्टाचार के सबूत के रूप में बढ़ा रहा है शोभा- नेशनल हाईवे 343 में धराशाई हुआ स्वागत द्वार यातायात विभाग के द्वारा किनारे तो कर दिया गया है परंतु यह स्वागत द्वार भ्रष्टाचार के सबूत के रूप में अभी भी सड़क के किनारे शोभा बढ़ा रहा है। स्वागत द्वार को कोई भी देखकर स्पष्ट रूप से समझ सकता है कि इस स्वागत द्वार में दो से तीन लाख से अधिक लग ही नहीं सकता।

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