रामानुजगंज(विकाश कुमार केशरी)- 113 गांव 91 ग्राम पंचायत जिसकी आबादी एक लाख 56हजार 363 है जो स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए रामानुजगंज में संचालित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में निर्भर है। जो वर्तमान में 30 बिस्तरीय सेटअप में संचालित है। जो जनसंख्या के हिसाब से काफी कम है इस बीच छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बलरामपुर रामानुजगंज जिला आगमन पर रामानुजगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 100 बीस्तरीय किए जाने की मांग जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के द्वारा जोर पकड़ने लगी है इस बीच विधायक बृहस्पत सिंह ने भी कहा है कि मुख्यमंत्री से रामानुजगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 100 बीस्तरीय किए जाने की मांग की जाएगी।

                                  गौरतलब है कि रामानुजगंज का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहले जहां थाना रोड में संचालित था परंतु यहां जगह बहुत ही कम रहने के कारण इसे वार्ड क्रमांक 1 में करीब दो करोड़ रुपए लागत से अस्पताल भवन का निर्माण कर 2014 में वही शिफ्ट कर दिया गया। बीते दो दशक से रामानुजगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 100 बीस्तरीय किए जाने की मांग जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के द्वारा की जाती रही है परंतु आज तक रामानुजगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र 30 बीस्तरीय ही है। जबकि यहां मरीजों की संख्या को देखते हुए तत्काल 100 बिस्तर अस्पताल किए जाने की आवश्यकता है ऐसे में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बलरामपुर रामानुजगंज जिला आगमन पर रामानुजगंज वासियों एवं क्षेत्र वासियों को आशा है कि मुख्यमंत्री 100 बिस्तर अस्पताल की सौगात रामानुजगंज को देंगे।

23 जनवरी 1936 से संचालित है सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र- रामानुजगंज  सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की नींव ब्रिटिश काल के दौरान ही पड़ गई थी। यहां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण 1934 में शुरू हुआ था जिसका लोकार्पण 23 जनवरी 1936 में तत्कालिक सरगुजा महाराज के द्वारा किया गया था तब से यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित रहा जो 2014 तक पुराने भवन में ही संचालित होते रहा।

 विशेषज्ञ डॉक्टरों की है आवश्यकता – सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तत्काल स्त्री रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ की आवश्यकता है वही सोनोग्राफी की भी सुविधा तत्काल करवाए जाने की आवश्यकता है। रामानुजगंजवासी इस आस में भी है कि मुख्यमंत्री विशेषज्ञ डॉक्टर की भी घोषणा करेंगे।

 झारखंड के 3 प्रखंडों के दर्जनों गांव के लोग आते हैं रामानुजगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र – जहां रामानुजगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 113 गांव के लोग आते हैं वही झारखंड के रंका प्रखंड भंडरिया प्रखंड बड़गढ़ प्रखंड के दर्जनों गांव के लोग इलाज के लिए यहीं पर निर्भर है यहां तक कि छत्तीसगढ़ की सीमा से सटे 10 से 20 किलोमीटर दूरी में यदि कोई सड़क दुर्घटना होती है तो तत्काल प्रारंभिक इलाज के लिए रामानुजगंज सामुदायिक केंद्र ही पहुंचते हैं।

 जिले में सबसे अधिक ओपीडी में रहती है यहा भीड़ – रामानुजगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है वही सुविधाओं का भी बहुत अभाव है इसके बावजूद भी बलरामपुर रामानुजगंज जिले में सबसे अधिक ओपीडी में मरीजों की भीड़ रहती है। वही 30 बिस्तर यहां के लिए काफी कम पड़ रहा है।

सात थाना क्षेत्रों का यही होता था पोस्टमार्टम- रामानुजगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कितने बड़े क्षेत्र का नेतृत्व करता था इसे इस बात से समझा जा सकता है कि यहां सात थाना क्षेत्रों का पोस्टमार्टम होता था। यहां एक समय 100 किलोमीटर दूर से भी मरीज आते थे।

विधायक बृहस्पत सिंह ने कहा कि रामानुजगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 113 गांव के डेढ़ लाख से अधिक की आबादी निर्भर है झारखंड के भी दर्जनों गांव के लोग इलाज के लिए यहीं पर आते हैं। इसे 100 बिस्तर किए जाने की मांग मुख्यमंत्री से की जाएगी। वही जो विशेषज्ञ डॉक्टरों की आवश्यकता है उसे भी पूरा करने का प्रयास किया जाएगा ताकि क्षेत्रवासियों को बेहतर से बेहतर स्वास्थ सुविधाओं का लाभ मिल सके।

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