बरसात में जलभराव से आमजन परेशान, तत्काल पुनर्निर्माण कराने की मांग

अंबिकापुर। सरगुजा की जीवनरेखा कहे जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-43 की हालत बद से बदतर हो गई है। गड्ढे, टूटी सड़क और जलभराव के कारण रोजाना दुर्घटनाएं हो रही हैं। इस समस्या को लेकर पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता टी.एस. सिंहदेव ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर एनएच-43 में अंबिकापुर खंड के तत्काल पुनर्निर्माण की मांग की है।

टीएस सिंहदेव ने 21 अगस्त को प्रेषित किए गए पत्र में लिखा है कि एनएच-43 का अंबिकापुर रेलवे स्टेशन से अंबिकापुर शहर और अंबिकापुर शहर से दरिमा रोड तक का हिस्सा पूरी तरह जर्जर हो चुका है। इस सड़क पर कई जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं और सड़क के काफी हिस्से पूरी तरह टूट चुके हैं। मानसून में जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण गंभीर जलभराव हो जाता है, जिससे वाहनों और पैदल चलने वालों का आवागमन अत्यंत कठिन और असुरक्षित हो गया है। पिछले करीब 3 सालों से अंबिकापुर के नागरिक इस समस्या से जूझ रहे हैं। सड़क की खराब स्थिति के कारण लगातार दुर्घटनाएं और अन्य अप्रिय घटनाएं हो रही हैं, जिससे क्षेत्र की जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय से असुविधा झेलने के बाद भी अब तक इस समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।

गडकरी से तत्काल हस्तक्षेप की मांग  

सड़क के महत्व और जनता की कठिनाइयों को देखते हुए टीएस सिंहदेव ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से आग्रह किया है कि वे इस मामले को संज्ञान में लेकर संबंधित अधिकारियों को एनएच-43 के इस हिस्से के तत्काल निर्माण और उचित जल निकासी व्यवस्था के निर्देश जारी करें। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके त्वरित हस्तक्षेप से अंबिकापुर की जनता को इस लंबित समस्या से बहुत जरूरी राहत मिलेगी। सिंहदेव ने बताया है कि मानसून के कारण सड़क की स्थिति और भी खराब हो गई है।

सरगुजा के लिए एनएच-43 है महत्वपूर्ण  

बता दें कि, एनएच-43 सरगुजा संभाग को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। रोजाना हजारों वाहन, एंबुलेंस, स्कूल बसें और मालवाहक इसी सड़क से गुजरते हैं। बरसात में यह सड़क तालाब बन जाती है और गर्मी में धूल से लोग परेशान रहते हैं। एंबुलेंस, स्कूल बस और मालवाहक वाहनों को भी इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है, जिससे समय पर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और बच्चों के स्कूल जाने में दिक्कत होती है। सड़क की जर्जर हालत से न सिर्फ आमजन परेशान हैं बल्कि आर्थिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।

अंबिकापुर-दिल्ली ट्रेन सप्ताह में 3-4 दिन चलाया जाए

एक अन्य पत्र में पूर्व उप मुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने सरगुजा संभाग के लाखों यात्रियों की सुविधा को लेकर केंद्र सरकार से अंबिकापुर-दिल्ली ट्रेन को सप्ताह में 3-4 दिन चलाने की मांग की है। केंद्रीय रेल मंत्री को पत्र लिखकर अंबिकापुर-हजरत निजामुद्दीन सुपर फास्ट एक्सप्रेस 22407/22408 के फेरों को सप्ताह में 3-4 दिन या प्रतिदिन करने का आग्रह किया गया है।

सिंहदेव ने पत्र में उल्लेख किया है कि, वर्तमान में अंबिकापुर से दिल्ली के लिए एकमात्र सीधी ट्रेन सप्ताह में केवल गुरुवार को ही संचालित हो रही है। सरगुजा संभाग के मुख्यालय अंबिकापुर और आसपास के आदिवासी बहुल क्षेत्रों से राजधानी दिल्ली जाने वाले यात्रियों, विद्यार्थियों, गंभीर बीमार मरीजों, पर्यटकों और व्यापारियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ट्रेन के एक दिन ही चलने के कारण सीटों पर लंबी वेटिंग रहती है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि यदि इस ट्रेन का संचालन सप्ताह में 3-4 दिन या प्रतिदिन किया जाए तो न केवल क्षेत्रवासियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, बल्कि रेलवे के राजस्व में भी वृद्धि होगी। सिंहदेव ने इसे जनहित और क्षेत्र की भौगोलिक आवश्यकता बताते हुए रेल मंत्री से मामले में सकारात्मक पहल करने का अनुरोध किया है। सरगुजा से दिल्ली के लिए सीधी ट्रेन की मांग वर्षों से की जा रही है। सांसद, विधायक और सामाजिक संगठन भी कई बार इस मुद्दे को उठा चुके हैं। अब पूर्व डिप्टी सीएम के पत्र के बाद एक बार फिर इस मांग ने जोर पकड़ा है।

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