पुलिस की वैज्ञानिक विवेचना और 16 गवाहों की गवाही से मिली सजा

अंबिकापुर। सरगुजा जिले के थाना दरिमा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कुम्हरता में गत वर्ष हुए बहुचर्चित पति-पत्नी हत्याकांड में द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, अंबिकापुर के न्यायालय ने 14 अगस्त 2026 को बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने मामले के दोनों आरोपियों को दोहरे हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
मामला थाना दरिमा के अपराध क्रमांक 159/2025 से संबंधित है। घटना 22-23 अक्टूबर 2025 के दरम्यानी रात ग्राम कुम्हरता घाघी में हुई थी। 23 अक्टूबर की सुबह सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर रीमा लकड़ा और उनकी पत्नी जुली लकड़ा उर्फ उर्मिला के शव को घर की परछी में बरामद किया। प्रारंभिक जांच में दोनों की हत्या की पुष्टि हुई और घर से बकरियां भी गायब मिलीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल स्वयं घटनास्थल पहुंचे और साक्ष्य एकत्रित करने के निर्देश दिए।

ऐसे हुआ खुलासा
विवेचना के दौरान पुलिस ने संदेही करीमन मझवार, पिता स्व. कमल साय 42 वर्ष व जय श्याम पिता लखन राम 28 वर्ष, द्वय निवासी पम्पापुर को हिरासत में लिया। आरोपियों के मेमोरेण्डम कथन पर घटना में प्रयुक्त टांगी बरामद की गई। आरोपियों के खून लगे शर्ट, घटनास्थल से खून मिश्रित मिट्टी, मृतकों के कपड़े और अन्य साक्ष्य जब्त कर एफएसएल भेजे गए। विवेचना वर्तमान थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश खलखो द्वारा की गई। विवेचना पूर्ण होने पर 14 दिसंबर 2025 को आरोपियों के विरुद्ध अभियोग पत्र पेश किया गया। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) दो बार, धारा 3(5) और धारा 332(क) के तहत आरोप तय हुए।

कोर्ट में 16 गवाह, 46 साक्ष्य
अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में मामले को मजबूत तरीके से रखा। 16 महत्वपूर्ण गवाहों के बयान और 46 आर्टिकल साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किए गए। परिस्थितिजन्य एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने दोनों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास सुनाया। न्यायालय ने मृतकों के उत्तराधिकारियों को क्षतिपूर्ति की अनुशंसा भी की।

आईजी ने पारितोषिक देने की घोषणा
दोहरे हत्याकांड में न्यायालय का यह फैसला पुलिस की प्रभावी विवेचना, साक्ष्यों के वैज्ञानिक संकलन और अभियोजन की मजबूत पैरवी का परिणाम है, जिसने जघन्य अपराध के आरोपियों को कानून के शिकंजे तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा द्वारा पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज से विवेचक थाना प्रभारी दरिमा एवं सहायक स्टाप को उचित पारितोषिक प्रदान करने की अनुशंसा की गई थी। सरगुजा पुलिस की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर पुलिस महानिरीक्षक दीपक झा द्वारा प्रकरण के विवेचना अधिकारी निरीक्षक राजेश खलखो तथा विवेचना में सहायक रहे दरिमा स्टॉफ के उत्साहवर्धन हेतु उचित पारितोषिक प्रदान करने की घोषणा की है।

थाना प्रभारी के उत्कृष्ट विवेचना की प्रशंसा
डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल ने न्यायालय के निर्णय को महत्वपूर्ण बताया एवं मामले के विवेचक थाना प्रभारी दरिमा निरीक्षक राजेश खलखो के उच्च दक्षता एवं उत्कृष्ट विवेचना की प्रशंसा की।

 

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