महामाया पहाड़ में मिले सड़े-गले शव की पहचान होने के पूर्व पुलिस करा दी थी दफन

अंबिकापुर। शहर के कोतवाली थाना अंतर्गत महामाया पहाड़ में मिले अज्ञात कंकाल की पहचान चप्पल और कपड़े से शुभम कश्यप पिता स्व. मुन्ना कश्यप 33 वर्ष निवासी मायापुर, कोतवाली के समीप के रूप में हुई है। मामले में स्वजन ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मृतक शहर के जयस्तंभ चैक के पास युग मोबाइल रिपेयरिंग नामक दुकान का संचालन करता था, वह 10 जुलाई की देर रात से लापता था।

बता दें कि, महामाया पहाड़ के सागौन नर्सरी में 25 जुलाई को पेड़ से लटका सड़ा-गला शव मिल था। धड़ का हिस्सा गलकर जमीन पर गिर गया था। इसकी जानकारी बीट गार्ड से मिलने पर कोतवाली थाना पुलिस और एफएसएल के अधिकारी मौके का बारीकी से परीक्षण किए और मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया था। शार्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अज्ञात पुरुष का शव होने की पुष्टि हुई थी। इसके पहले शव और चप्पल किसी महिला का होने जैसी बातें हो रही थी। पुलिस की लापरवाही ही कही जाए, मृतक की पहचान का प्रयास किए बिना पुलिस ने शव को दफन करवा दिया। कोतवाली थाना पुलिस ने पूर्व में सामने आए गुमशुदगी के मामलों को खंगालना और संबंधितों के स्वजनों से शव और आसपास मिले सामानों का पहचान कराना भी जरूरी नहीं समझा, जबकि इसके पहले कोतवाली के पास रहने वाला शुभम कश्यप पिता मुन्ना कश्यप 37 वर्ष 10 जुलाई की रात को लापता हो गया था। युवक के लापता होने की जानकारी स्वजन ने उसी दिन कोतवाली थाने में जाकर पुलिस को दी थी। स्वजन का कहना है कि, पहाड़ में मिले अज्ञात व्यक्ति के कंकाल की पहचान के लिए उन्हें सूचना नहीं मिली और शव को पोस्टमार्टम के बाद दफन करवा देने की जानकारी दे रही है।

नशे में आया घर, तो ले गए थे कोतवाली

मृतक के संबंधियों का कहना है कि, शुभम नशे का आदि था। 10 जुलाई को भी वह नशे के हालत में घर आया था। वे उसे कोतवाली थाना यह सोचकर ले गए थे कि पुलिस की फटकार से उसकी आदत में सुधार आएगा। यहां से कुछ देर बाद वे घर आ गए, शुभम भी पीछे से घर आ रहा था मगर रास्ते में गायब हो गया। उन्होंने उसे ढूंढने का प्रयास किया मगर सफलता नहीं मिली और कोतवाली पुलिस के संज्ञान में इसे लाया था। इनका कहना है कि, 11 जुलाई को पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज करके अपने कार्यों की इतिश्री कर ली। स्वजन का कहना है कि, कुछ दिन पहले शुभम की मां के मोबाइल पर एक संदेश आया था, जिसमें शुभम के एक युवती के पास होने और उसकी वापसी के लिए एक लाख रुपये की मांग की गई थी। आरोप है कि पुलिस ने इस सूचना को गंभीरता से नहीं लिया। इधर पुलिस अंतिम पुष्टि के लिए कंकाल का डीएनए परीक्षण कराने की बात कह रही है।

स्वजन ने चप्पल, कपड़े देखकर पहचाना

महामाया पहाड़ में अज्ञात व्यक्ति का कंकाल मिलने की जानकारी विभिन्न माध्यमों से सामने आई खबरों के माध्यम से मिलने पर स्वजन स्वयं 26 जुलाई की शाम 6 बजे कोतवाली थाना पहुंचे। उन्होंने कंकाल और आसपास से जब्त सामानों को दिखाने कहा। पुलिस कर्मियों ने जब मृतक का मौके पर मिले चप्पल और कपड़े का फोटो दिखाया तो इन्होंने शुभम का शव होने का दावा किया। इसके बाद शव की पहचान लापता मोबाइल दुकान के संचालक शुभम कश्यप के रूप में की गई। शव को मौके पर पोस्टमार्टम के बाद दफना देने की जानकारी मिलने पर मृतक की पत्नी व परिवार के अन्य सदस्य बिलखने लगे। आरोप है कि इस दौरान वहां मौजूद एक पुलिसकर्मी ने अन्य पुलिस कर्मियों से उन्हें थाना से भगाने के लिए कहा। इसकी जानकारी मिलते ही कांग्रेस नेता शफी अहमद, पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता सहित अन्य कांग्रेसजन कोतवाली पहुंचे, और मृतक के स्वजन से संवेदनशील व्यवहार करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने कहा।

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