ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी, वैकल्पिक व्यवस्था और जांच की मांग  

उदयपुर। विकासखंड उदयपुर के ग्राम पंचायत पुटा में वर्ष 2023 में 18 लाख रुपये की लागत से बना पुल महज तीन साल में ही पहली मानसूनी बारिश में बह गया। उदयपुर-चकेरी मार्ग पर बेलढाब पण्डो बस्ती पहुंच मार्ग के हथफोड़ नाला पर यह निर्मित किया था, जो बीते दिवस तेज पानी के बहाव में क्षतिग्रस्त हो गया था। घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और जिम्मेदारों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि, पुल निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया था। लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद पुल में न तो पिलर मजबूत थे और न ही नींव गहरी। इसी कारण थोड़े से पानी में ही यह ढह गया। पुल बहने से बेलढाब जुनपारा, पण्डो बस्ती और आमाडुगू सहित 5-6 गांवों का संपर्क टूट गया है। यहां के करीब 800 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। स्कूली बच्चों को 4 किलोमीटर घूमकर स्कूल जाना पड़ रहा है। मरीजों को अस्पताल ले जाने और किसानों को मंडी तक अनाज पहुंचाने में भारी दिक्कत हो रही है। रोजमर्रा की जरूरत के सामान के लिए भी ग्रामीणों को वैकल्पिक और जोखिम भरा रास्ता अपनाना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने कलेक्टर और एसडीएम से मांग की है कि, तत्काल अस्थायी पुल या वैकल्पिक मार्ग बनाया जाए। साथ ही बह चुके पुल का गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण कराया जाए। ग्रामीणों ने पूर्व में हुए पुल निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी अधिकारियों और ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग की है। इनका कहना है कि, यदि समय रहते स्थायी समाधान नहीं हुआ तो पूरे बरसात में सैकड़ों लोगों को आवागमन के लिए नाले पार करने में जान जोखिम में डालनी पड़ेगी। मामले में प्रशासन ने जांच के आदेश देने की बात कही है।

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