हरकत में आए ए ने लिखित आश्वासन दिया, एनएसयूआई का भूख हड़ताल समाप्त

अंबिकापुर। संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय और राजीव गांधी पीजी कॉलेज के छात्र-छात्राओं की समस्याओं को लेकर एनएसयूआई का 2 दिवसीय क्रमिक भूख हड़ताल सोमवार को ही समाप्त हो गया। विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रशासनिक अधिकारियों के लिखित आश्वासन के बाद एनएसयूआई ने हड़ताल वापस ली।

आंदोलन के दूसरे दिन पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव खुद धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने छात्रों की मांगों का खुलकर समर्थन किया और कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि ‘यदि समयबद्ध निराकरण नहीं हुआ तो मैं स्वयं छात्रों के साथ एक दिन के भूख हड़ताल पर बैठूंगा।Ó सिंहदेव के कड़े रुख के बाद विवि प्रबंधन बैकफुट पर आया और मांगों के त्वरित निराकरण का लिखित आश्वासन दिया। इनके आंदोलन को कांग्रेस नेताओं का भरपूर समर्थन मिला। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद, द्वितेंद्र मिश्रा, शैलेंद्र प्रताप सिंह, मोहम्मद इस्लाम, जीवन यादव, आलोक सिंह, राजा तिवारी, सौरभ फिलिप, निक्की खान, आतिफ रजा, शुभम जायसवाल, हिमांशु जायसवाल, आशीष शील, अंशु गुप्ता, तरन राज बाबरा, सतीश घोष, सुरेंद्र गुप्ता सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन और छात्र उपस्थित रहे। अंत में एनएसयूआई के ज्ञान तिवारी, सिफतैन रज़ा, अभिनव काशी, गौतम गुप्ता एवं एनएसयूआई सरगुजा की टीम ने सभी का आभार जताया और कहा कि संगठन भविष्य में भी छात्रहित के हर मुद्दे पर मजबूती से आवाज उठाता रहेगा।

छात्रों की अनदेखी बर्दाश्त नही

धरना स्थल पर टीएस सिंहदेव ने कहा कि छात्रों की जायज मांगों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के हितों की रक्षा सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है। अगर मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस छात्रों के संघर्ष में पूरी मजबूती से साथ खड़ी होगी।

एनएसयूआई ने उठाई ये 9 बड़ी मांगें

एनएसयूआई ने विवि प्रशासन के सामने छात्रहित की ये मांगें रखीं-शिक्षक भर्ती में रोस्टर नियमों के पालन की उच्चस्तरीय जांच हो। अंबिकापुर-राजपुर मार्ग से विश्वविद्यालय तक जर्जर सड़क का निर्माण किया जाए। मुख्य मार्ग पर संकेतक बोर्ड लगाना सुनिश्चित करें। परिसर में सीसीटीव्ही कैमरे और नियमित पुलिस पेट्रोलिंग हो। ऑनलाइन कॉपी जांच प्रणाली बंद कर पारंपरिक मूल्यांकन लागू किया जाए। जर्जर भवन की कक्षाओं को नए भवन में शिफ्ट किया जाए। इसके अलावा फीस वृद्धि पर रोक, टोल-फ्री हेल्पलाइन जारी करने, एनईपी के पाठ्यक्रम की पुस्तकें शीघ्र उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

आश्वासन के बाद खत्म हुई हड़ताल

आंदोलन के दौरान विश्वविद्यालय के कुलसचिव और तहसीलदार धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने एनएसूयआई के पदाधिकारियों से चर्चा करके सभी मांगों पर गंभीरता पूर्वक विचार और आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इसके बाद एनएसयूआई ने क्रमिक भूख हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की। एनएसयूआई ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन पूरी तरह छात्रहित में था। अगर दिए गए आश्वासन के अनुसार समय पर काम नहीं हुआ तो संगठन और बड़ा आंदोलन करेगा।

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