सियासी जंग: उपाध्यक्ष नेहा बंसल ने निरीक्षण करके काम रूकवाया, सीएमओ व इंजीनियर निशाने पर

अंबिकापुर/लखनपुर। लखनपुर नगर पंचायत की कार्यप्रणाली एक बार फिर कटघरे में है। वार्ड क्रमांक 08, पुराना बस स्टैंड हमर क्लिनिक के पास चल रहे दुकान निर्माण को लेकर शनिवार की सुबह बड़ा बवाल हुआ। नगर पंचायत उपाध्यक्ष नेहा सन्नी बंसल ने मौके पर पहुंचकर निर्माण को नियम विरुद्ध बताते हुए सीएमओ और उप अभियंता पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं।

जानकारी के मुताबिक, शनिवार की सुबह 10 बजे दुकान निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों की शिकायत पर उपाध्यक्ष नेहा बंसल मौके पर पहुंचीं, उनके साथ उप अभियंता प्रदीप एक्का, पार्षद और नगर पंचायत के कर्मचारी भी मौजूद थे। इस दौरान उन्होंने पाया कि कलेक्टर सरगुजा के 28 जुलाई 2025 के आदेशानुसार अंबिकापुर-बिलासपुर मुख्य मार्ग, एनएच से 22.50 मीटर छोड़कर दुकानों का निर्माण होना था, लेकिन नापने पर निर्माण कार्य मुख्य सड़क से महज 13 मीटर के फासले पर ही किया जा रहा था। जब उप अभियंता प्रदीप एक्का से इस संबंध में पूछा गया तो उनका कहना था कि इस कार्य का ले-आउट कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल, सांसद चिंतामणि महाराज और अध्यक्ष सावित्री दिनेश साहू के समक्ष दिया गया है। सारे काम नियमों के अनुसार हो रहे हैं। इंजीनियर के इस बयान के बाद सियासी पारा चढ़ गया। उपाध्यक्ष और पार्षदों ने सीएमओ व उपअभियंता पर नियम विरुद्ध निर्माण और गुणवत्ता विहीन काम कराने का आरोप लगाया। विवाद के बाद निर्माण कार्य को रोक दिया गया है। जांच पूरी होने तक काम शुरू नहीं होने की बात कही जा रही है। बहरहाल सवाल यह उठ रहा है कि, किसके संरक्षण में नगर पंचायत में भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है? कलेक्टर के आदेश के बाद भी 9.5 मीटर कम जगह छोड़कर निर्माण कैसे शुरू हो गया? इसकी निगरानी कौन कर रहा था? देखना होगा कि यह मामला कार्रवाई की किस हद को पार कर पाता है।

सीएमओ पर अभद्रता का आरोप  

उपाध्यक्ष ने तुरंत मुख्य नगर पालिका अधिकारी को फोन करके मौके पर बुलाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने साफ मना कर दिया। आरोप है कि इनके द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया। इसके बाद मामला और गरमा गया। पार्षदों ने सवाल उठाया कि कलेक्टर के आदेश की अवहेलना कर निर्धारित मानकों के खिलाफ निर्माण क्यों कराया जा रहा है?

नपं उपाध्यक्ष नेहा बंसल ने कहा  

लखनपुर पार्क में लगा हमर लखनपुर बोर्ड भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा है, उसकी वास्तविक लागत वो नहीं है जो बिल में दिखाई गई है। बार-बार बुलाने पर भी सीएमओ मौके पर नहीं आए। वे इस मामले में नगरीय प्रशासन विभाग को पत्र लिखेंगी और दोषियों पर एफआईआर दर्ज करके कड़ी कार्रवाई की मांग करेंगी। सीएमओ द्वारा अभद्रता पर भी कार्रवाई की मांग की गई है।

सीएमओ का पक्ष

दूसरी ओर सीएमओ ने फोन पर कहा कि ‘सारे निर्माण कार्य नियम के अनुरूप ही किए जा रहे हैं।

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