कमिश्नर से पट्टा निरस्त करने और दोषियों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करने की मांग

अंबिकापुर। बलरामपुर जिला अंतर्गत रामचन्द्रपुर थाना क्षेत्र के ग्राम ओरंगा निवासी भुलन पण्डो व मन्ती पण्डो ने बिहार गया के मूल निवासी सुल्तान पिता स्व. सुलेमान मियां के द्वारा वर्ष 2007-08 में पटवारी से मिलीभगत करके उनकी पुश्तैनी काबिज काश्त भूमि का वन अधिकार पट्टा बनवा लेने का आरोप लगाते हुये इसकी शिकायत कमिश्नर सरगुजा संभाग से की है। बताया गया है कि 0.16 हेक्टेयर का फर्जी वन अधिकार पट्टा इनके द्वारा अपने नाम बनवाया गया है, इसे निरस्त करने और दोषियों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई है।

जानकारी के मुताबिक, मामला करीब ढाई दशक पुराना है। ग्राम ओरंगा के भईस बोरवा नदी के पास स्थित खसरा नंबर 413, रकबा 0.16 हेक्टेयर भूमि भुलन पण्डो पिता स्व. तुलसी पण्डो के पूर्वजों की पुश्तैनी काबिज काश्त भूमि है। इसका वन अधिकार पट्टा क्रमांक 0002448 सुल्तान मियां द्वारा बनवाया गया है। उक्त जमीन को अनाधिकृत तरीके से लेने का प्रयास किये जाने की शिकायत 02 अगस्त 2000 को तहसीलदार रामानुजगंज व थाना रामचंद्रपुर में लिखित शिकायत पत्र देकर की गई थी। आरोप है कि इसके बावजूद वर्ष 2007-08 में उक्त भूमि का अवैध तरीके से पट्टा जारी कर दिया गया। वन अधिकार अधिनियम 2006 की धारा 2(व) के अनुसार सामान्य वर्ग, अन्य पारम्परिक वनवासियों को पट्टा हेतु 13 दिसंबर 2005 से पहले, 75 वर्ष का निवास व कब्जा अनिवार्य है। सुल्तान के पिता सुलेमान कुछ वर्ष पूर्व ही ग्राम ओरंगा आये थे। वर्ष 2007-08 में सुल्तान की उम्र 30-35 वर्ष थी, और गांव में इनके रहने की अवधि 75 वर्ष पूर्ण नहीं हुई थी, इसके बाद भी नियम विरुद्ध तरीके से इन्हें वन अधिकार पट्टा जारी कर दिया गया।

थाना प्रभारी ने भुलन को दिलाया था कब्जा

शिकायत के बाद तत्कालीन थाना प्रभारी जयसिंधु ने ओरंगा आकर स्थल का निरीक्षण किया था। अनावेदक के हरवाह शिवनारायण पण्डो व सरपंच बुधराम सिंह ने बताया था कि भुलन पण्डो के पूर्वजों का 20 वर्ष से अधिक पुराना कब्जा है। थाना प्रभारी ने सुलेमान को इस पर फटकार लगाई थी और भुलन पण्डो को कब्जा दिलाया था। कुछ दिन बाद सुल्तान ने मारपीट करने की धमकी देकर दोबारा उक्त भूमि पर कब्जा कर लिया। आरोप है कि, इसके बाद पटवारी से मिलीभगत और ग्रामसभा को गुमराह करके अवैध वन अधिकार प्रस्ताव पारित करा लिया था।

पंचायत ने जोताई-कोड़ाई पर लगाया था रोक

सुल्तान द्वारा सन् 2020 से 2023 के बीच उक्त भूमि पर क्यारी बनाने का प्रयास किया, जिस पर आपत्ति जताते हुये आवेदक ने रोक लगवाया था। ग्राम पंचायत की बैठक में भी दोनों पक्षों को जोत-कोड़ करने से रोका गया, फिर भी सुल्तान ने जबरदस्ती जोताई करके उक्त भूमि पर क्यारी बना लिया। वर्तमान में भी झगड़ा-झंझट की स्थिति बनी हुई है। 5 जून 2026 को ग्राम पंचायत में फैसला होना था, जिसमें सुल्तान पिता सुलेमान मियां उपस्थित नहीं हुआ।

मिलीभगत करके जमीन लूटने का आरोप

आवेदक भुलन पण्डो का कहना है कि, बिहार से आकर गांव में पैर पसारा सुल्तान रसूखदार है, और वे धन-बल से कमजोर हैं, इसका फायदा उठाकर वह पटवारी से मिलीभगत करके उनकी पुश्तैनी जमीन को लूट लिया, 24 साल से वे पुश्तैनी काबिज जमीन को वापस पाने के लिए लड़ाई लड़े रहे हैं। इसके द्वारा सुल्तान मियां के नाम पर दर्ज 0.16 हेक्टेयर के अवैध वन अधिकार पट्टा को निरस्त कराने और जमीन लूटने, कूटरचित प्रस्ताव बनाने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराने, दोषी पटवारी व ग्राम सभा प्रस्ताव में शामिल लोगों पर कार्रवाई की मांग सरगुजा संभाग आयुक्त से की है। साथ ही भूमि के वास्तविक हकदार भुलन पण्डो व मंती पण्डो के नाम त्रुटि सुधार कर वन अधिकार पट्टा जारी करके कब्जा दिलाने का आग्रह किया गया है।

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