सूरजपुर। नगर के प्रतिष्ठित समाजसेवी, रामायणी, अधिवक्ता एवं कर सलाहकार, तथा आर्ट ऑफ लिविंग के हैप्पीनेस कोर्स प्रशिक्षक राम कृष्ण ओझा ने आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी के द्वारा स्थापित बैंगलोर आश्रम में आयोजित 11 दिवसीय प्रशिक्षण सत्र में सफलता पूर्वक सहभागिता सुनिश्चित कर यह उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने बताया कि आर्ट ऑफ लिविंग एक विश्व व्यापी संस्था है जो गुरुदेव के मार्गदर्शन में विश्व के १८० देशों में अपना विस्तार रखते हुए उच्च मानवीय मूल्यों के साथ दिव्य समाज निर्माण की दिशा में सतत अग्रसर है। आर्ट ऑफ लिविंग में गुरुदेव के द्वारा निर्मित कई प्रकार के कोर्स संचालित किए जाते हैं जिसमें कई वर्षों के शोध कार्य के बाद प्रज्ञा योग इंट्यूशन प्रोसेस के परिष्कृत कोर्स की शुरुआत की गई है। विगत 10 वर्षों में लाखों बच्चे इस इंट्यूशन प्रोसेस का प्रशिक्षण प्राप्त कर लाभ प्राप्त कर चुके हैं। इस कोर्स के बाद बच्चों में आश्चर्यजनक बदलाव देखने को मिलता है। बच्चों में छिपी हुई उच्च प्रतिभा निखर कर सामने आ रही है जिसमे बंद आंखों से ही रंगों की पहचान, छिपी हुई वस्तु की पहचान, किताबों को पढ़ना, लिखना के साथ साथ एकाग्रता, मेधा शक्ति, निर्णय लेने की क्षमता, निडरता, आत्मविश्वास की वृद्धि और सही ग़लत के पहचान की क्षमता जा विकास हो रहा है। इंट्यूशन प्रोसेस के तहत 5 वर्ष से 8 वर्ष तक, 8 वर्ष से 13 वर्ष तक एवं 13 वर्ष से 18 वर्ष तक के बच्चों के लिए अलग अलग प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। 

उन्होंने बताया कि श्री श्री गुरुदेव ने अपनी वर्षों की तपस्या के पश्चात एक उच्च आध्यात्मिक शक्ति जागृत करने वाली यह इंट्यूशन प्रोसेस शुरू किया है जिसका कॉपीराइट श्री श्री गुरुदेव के नाम पर है। राम कृष्ण ओझा ने श्री श्री गुरुदेव के प्रति अपनी कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए अपनी मुख्य प्रशिक्षक गरिमा जी, सह प्रशिक्षक प्रज्ञा जी, अन्नामलाई जी, मेहुल जी, मनीष जी, एवं प्रियंका जी के साथ साथ अपने सहयोगी प्रशिक्षुओं, मित्रों एवं परिजनों का आभार व्यक्त किया है जिनके मार्गदर्शन एवं सहयोग से उन्होंने ने यह उपलब्धि हासिल की है।

 

 

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