निर्माणाधीन सड़क पर पानी का छिड़काव नहीं होने से आमजन परेशान, आवागमन में हो रही दिक्कत

बलरामपुर। नेशनल हाईवे 343, अंबिकापुर-रामानुजगंज की सड़क निर्माणाधीन है और ठेकेदार द्वारा पानी नहीं डालने से पूरी सड़क में धूल उड़ रही है। सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज ने स्वयं धूल-धूसरित सड़क का वीडियो इंटरनेट मीडिया में पोस्ट करते हुए नेशनल हाईवे के अधिकारियों को सड़क की बदहाली का सच दिखाया है। उन्होंने वीडियो अधिकारियों को भी भेजा है, वहीं बरियों के नागरिकों ने 27 मई को चक्काजाम की चेतावनी दी है।

नेशनल हाईवे-343 का निर्माण दो पार्ट में किया जा रहा है। अंबिकापुर से पाढ़ी एवं पाढ़ी से रामानुजगंज तक सड़क निर्माण के लिए दो अलग-अलग निर्माण एजेंसियां तय की गई हैं। डीजल के दाम बढ़ने एवं डीजल की कमी के कारण ठेकेदारों ने पूरा काम लगभग बंद कर दिया है। वहीं ठेकेदार द्वारा सड़क पर पानी भी नहीं डाला जा रहा है। नेशनल हाईवे 343 से गुजरने के दौरान सांसद ने स्वयं सड़क पर उड़ती धूल का वीडियो रिकार्ड किया और नेशनल हाईवे के अधिकारियों को भेजा। सांसद ने सोशल मीडिया पर भी वीडियो पोस्ट करके लिखा है कि सड़क पर उड़ रही धूल के कारण लोगों को आवागमन में दिक्कत हो रही है। उन्होंने नेशनल हाईवे के अधिकारियों को पानी का छिड़काव करने के निर्देश दिए हैं।

इधर ग्रामीणों का कहना है कि, ठेकेदार के द्वारा कार्य को छोटे-छोटे पेटी ठेकेदारों में बांट दिया गया है, जिसके चलते निर्माण कार्य में समन्वय की कमी दिखाई दे रही है। कहीं सड़क अधूरी पड़ी है तो कहीं खुदाई कर छोड़ दी गई है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। बरसात नजदीक होने के बावजूद कार्य की रफ्तार बेहद धीमी होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

बरियों में चक्काजाम की चेतावनी

ग्राम बघिमा, बरियों, ककना चारपारा सहित आसपास के गांवों के लोगों ने बरियों में एकत्र होकर अनुविभागीय अधिकारी राजपुर के नाम तहसीलदार नरेंद्र कंवर को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि, यदि 27 मई तक सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव और निर्माण कार्य में तेजी नहीं लाई गई तो क्षेत्रवासी सांकेतिक चक्काजाम करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों का कहना है कि, पिछले कई महीनों से एनएच-343 का निर्माण कार्य अत्यंत धीमी गति से चल रहा है। सड़क खुदाई और मिट्टी फैलने के कारण पूरे क्षेत्र में दिनभर धूल का गुबार उड़ता रहता है। सबसे ज्यादा परेशानी सड़क किनारे रहने वाले परिवारों, दुकानदारों, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है। लोगों ने बताया कि, धूल के कारण सांस लेने में तकलीफ, खांसी, आंखों में जलन सहित अन्य बीमारियां बढ़ रही हैं।

उड़ती धूल के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ी

व्यापारियों का कहना है कि, सड़क किनारे स्थित दुकानों में दिनभर धूल भर जाती है, जिससे ग्राहकों की संख्या भी कम हो गई है। खाने-पीने की दुकानों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर धूल जमने से व्यापार प्रभावित हो रहा है। कई दुकानदारों ने कहा कि, बार-बार शिकायत के बावजूद ठेकेदार और संबंधित विभाग समस्या की ओर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कंपनी द्वारा नियमित पानी का छिड़काव नहीं कराया जा रहा है। कभी-कभार पानी डालने की औपचारिकता पूरी कर दी जाती है।

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