पूर्व में गिरफ्तार घी बेचने वाली महिलाओं के विरूद्ध एक और अपराध दर्ज

अंबिकापुर। शहर में घी बेचने के बहाने पैठ बनाई महिला ने कपड़े का थोक व्यापारी को भी नकली सोने का करीब आधा किलो टुकड़ा थमाकर 21 लाख 5 हजार 300 रुपये की चपत लगाई है। ऐसे ही एक मामले में पुलिस ने पूर्व में तीन आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा है। व्यवसायी को इसका पता एक वीडियो देखने के बाद चला, और वे थाना पहुंचे। पुलिस ने आरोपिया के विरूद्ध ठगी का एक और अपराध दर्ज कर लिया है।  

खरसिया नाका के पास रहने वाले ओम गर्ग पिता आनंद गर्ग 24 वर्ष ने पुलिस को बताया है कि उनके यहां करीब 6-7 वर्षों से किशनगढ़ राजस्थान की एक महिला घी बेचने प्रति वर्ष आती थी, जो अपना नाम रानी मां उर्फ असली नाम सुनिता गुजराती, निवासी किशनगढ़, अजमेर राजस्थान बताती थी। रानी 30.01.2026 को अपने साथ मंजू नाम की एक महिला के साथ घर आई, और उनके पिताजी को बताई कि उसके साथ आई मंजू को गांव में एक सोना का टुकड़ा मिला है, जिसका वजन करीब आधा किलो है। आनन्द गर्ग को जब वह सोने का टुकड़ा दिखाई, तो वह वास्तव में सोने जैसा ही चमक रहा था। मंजू ने पैसे की जरूरत बताते हुए कहा कि कागजात नहीं होने के कारण वह सोने का टुकड़ा नहीं बेच पा रही है। महिला ने व्यवसायी को झांसे में लेते हुए कहा कि, अगर आप इसे खरीदेंगे तो सिर्फ 21 लाख रुपये में दे दूंगी। आनन्द गर्ग महिला की बातों में आकर घर में रखे नकद रकम 21 लाख 5 हजार 300 रुपये मंजू नाम की महिला को दे दिए। इसके बाद दोनों चले गए। इसी क्रम में 20.03.2026 को इन्होंने व्हाटसअप पर एक वीडियो देखा, तो पता चला कि रानी मां व मंजु नाम की महिला, जो सोने जैसा चमकता टुकड़ा देकर बदले में 21 लाख 5 हजार 300 रुपये ले गई हैं, इन्हें नकली सोना बेचने के अपराध में कोतवाली अंबिकापुर थाना में गिरफ्तार करके जेल भेजा है। आनन्द गर्ग ने इसकी जानकारी अपने पुत्र और घर के अन्य सदस्यों को दी। महिलाओं के द्वारा दिए गए सोने का टुकड़ा को चेक करवाने पर कारीगर ने पॉलिस किया हुआ नकली सोने का टुकड़ा होना बताया। पुलिस ने रानी उर्फ सुनिता गुजराती व मंजू राठौर के विरूद्ध धारा 318(4), 3(5) बीएनएस का मामला दर्ज कर लिया है।

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