अंबिकापुर। युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब की अलोकतांत्रिक गिरफ्तारी के विरोध में बुधवार को युवा कांग्रेस सरगुजा ने जिलाध्यक्ष विकल झा के नेतृत्व में घड़ी चौक पर प्रधानमंत्री का पुतला फूंका। पुतला दहन के दौरान पुलिस से विवाद की स्थिति भी बनी। कांग्रेस का आरोप है कि एप्सटीन फाइल में मोदी और उनके मंत्रीमंडल के सदस्यों और उद्योगपति मित्रों का नाम आने के दबाव और अमेरिका के कोर्ट में फंसे अडानी को बचाने के लिये मोदी सरकार ने ट्रंप के सामने सरेंडर करते हुए देश के आर्थिक हितों को नुकसान पहुंचाने वाला ट्रेड डील कर लिया है।

मोदी सरकार के इस सरेंडर नीति के विरोध में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक रूप से एआई समिट के दौरान विरोध प्रदर्शन किया था। इस लोकतांत्रिक विरोध से बौखलायी केंद्र सरकार ने युवा कांग्रेस के खिलाफ देशभर में दमन चक्र चलाया हुआ है। युवा कांग्रेस के अनेक कार्यकर्ताओं के साथ ही साथ उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष को भी गंभीर धाराओं में गिरफ्तार किया गया है। इसके विरोध में युवा कांग्रेस सरगुजा ने प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया।

युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष विकल झा ने कहा कि कांग्रेस ने अहिंसात्मक ढंग से विरोध प्रदर्शन का अधिकार गांधीजी से सीखा है। एआई समिट में युवा कांग्रेस के बब्बर शेर वही कर रहे थे, लेकिन लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन से अंग्रेज भी डरते थे और अंग्रेजों की चाटुकारिता करने वाली विचारधारा के आज के शासक भी डरते हैं। इसी का परिणाम है कि आज अंग्रेजों के चाटुकार अंग्रेजों का अनुसरण करते हुए लोकतांत्रिक प्रदर्शन का दमन करने में लगे हुए हैं। इस दौरान गुरप्रीत सिद्धू, आलोक सिंह, रजनीश सिंह, नीतीश चौरसिया, उत्तम रजवाड़े, सतीश बारी, विष्णु सिंहदेव, आशीष जायसवाल, आकाश अग्रहरि, विकास केशरी, सतीश घोष, संजर नवाज, भोले राजवाड़े, आकाश यादव, अंकित जायसवाल, ऋषभ जायसवाल, प्रियांशु जायसवाल, दीपेंद्र मंडल, सौरभ मिस्तरी, आयुष सिंह, सुजय मंडल, लोलर सिंह उपस्थित थे।

पुलिस के साथ झूमाझटकी और विवाद

पुतला दहन के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जमकर झूमाझटकी हुई। बात एफआईआर करने तक पहुंच गई थी। पुतला दहन के कुछ समय पहले भाजपा महिला मोर्चा के द्वारा बेरोकटोक राहुल गांधी का पुतला दहन किया गया था, जिसके वीडियो सामने आया, जिसमें पुलिस मूकदर्शक बनी रही, लेकिन युवा कांग्रेस के पुतला दहन को रोकने के लिए पुलिस ने काफी जद्दोजहद किया। इस दोहरे रवैये के कारण कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जमकर हंगामा हुआ। बाद में कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक के हस्तक्षेप से मामला सुलझा।

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