शहरी स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक द्वारा आंकड़ों की गलत जानकारी स्वास्थ्य विभाग को देने का आरोप

अंबिकापुर। मोमिनपुरा इलाके में पीलिया बीमारी से पीड़ितों की बढ़ रही तादाद सुर्खियों में आने के बाद मंगलवार को नगर पालिक निगम की महापौर मंजूषा भगत ने जनप्रतिनिधियों, नगर निगम के जिम्मेदारों व स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ प्रभावित मोहल्लों व गलियों का निरीक्षण किया। 21 मार्च को मीडिया के माध्यम से उन्हें जानकारी मिली थी कि नवागढ़ शहरी स्वास्थ्य केंद्र के पीछे 42 पीलिया के मरीज पाए गए हैं, जो नगर निगम के प्रदूषित सप्लाई पानी पीने से पीड़ित हुए हैं। उन्होंने कहा है कि जल प्रदाय विभाग के प्रभारी सदस्य जितेंद्र सोनी के निर्देशानुसार जल प्रदाय विभाग के अधिकारी-कर्मचारी सुबह जल सैंपल लेने व बीमारी के कारणों की जांच करने में आज दिनांक तक लगे हैं। पानी का सेंपल रायपुर भेजा गया है, इसका रिपोर्ट 25 फरवरी तक प्राप्त होने की संभावना है। इसके साथ ही उन्होंने मीडिया को दिए बयान में कहा लाखों, हजारों लोग इस पानी को पी रहे हैं पूरे शहर में, एक विशेष जगह में ही लोग बीमार हो रहे हैं, षड्यंत्र का बू आ रहा है।

महापौर ने कहा स्वास्थ्य विभाग द्वारा जानकारी उपलब्ध कराई गई कि दिसंबर माह से 10 दिन पूर्व तक 42 पुलिया के मरीज थे, जो वर्तमान में ठीक हो गए हैं। यह सर्वे मोमिनपुरा की मितानिन निम्मा खातून द्वारा किया गया है, तत्पश्चात 8 लोगों की जांच हुई है, जिसमें तसलीमा/ताहिर, मोहम्मद जुनैद आलम/मोहम्मद महफूज दो व्यक्ति वर्तमान में बीमार पाए गए, शेष छह लोग पूर्व में ठीक हो चुके हैं। नगर पालिक निगम को दो माह में अब तक पीलिया जैसी कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है। आरोप है कि शहरी स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ डॉ. इमरान द्वारा आंकड़ों की गलत जानकारी स्वास्थ्य विभाग को प्रदान की गई है। मितानिन द्वारा 10 घरों से पानी का सैंपल लेकर मेडिकल कॉलेज के लैब में टेस्ट कराया गया, जिसमें केवल दो घरों के सैंपल प्रदूषित पाए गए। इसके अलावा घुटरापारा में छह नए मरीज मिलने की बात सामने आई है, जिसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग, मितानिन यशोदा यादव व गीता विश्वकर्मा को नहीं है। टीम द्वारा जांच में भी पीड़ित नहीं मिले। इस दौरान एमआईसी सदस्य मनीष सिंह, प्रियंका गुप्ता, नितिन गुप्ता, अजय सारथी, विकास गुप्ता, प्रशांत पांडेय, जल विभाग के प्रभारी प्रशांत खुल्लर, इंजीनियर सतीश रवि, स्वास्थ्य विभाग से अनिल पांडे, स्वास्थ्य कर्मी, सफाई कर्मी, नल विभाग के कर्मचारी व वार्डवासी उपस्थित रहे।

 

अवैध चिकन-मटन, मछली की दुकानों को बंद कराएं

भ्रमण के दौरान खुली नाली, पर्याप्त गंदगी, कचरों का ढेर, वर्षों से नाली की सफाई नहीं किया जाना पाया गया। महापौर के समक्ष मोहल्ले वासियों ने भी इसकी शिकायत की। स्थानीय निवासी अधिवक्ता इनामुल हक एवं सलीम अंसारी द्वारा बताया गया इन गलियों में पोल्ट्री फार्म, चिकन-मटन की अवैध दुकानें संचालित हैं जो गंदगी का प्रमुख कारण हंै और बीमारी फैल रही है। इन्होंने कहा कई बार आवेदन देने के बाद भी कोई कार्रवाई आज दिनांक तक नहीं हुई है। महापौर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सफाई विभाग को विशेष टीम लगाकर सफाई कार्य कराने, जल विभाग को सभी कनेक्शन जो नालियों में हंै, उसे स्वच्छ स्थान पर स्थानांतरित करने, बाजार विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग को पोल्ट्री फार्म, अवैध चिकन, मटन, मछली की दुकानों को बंद कराने का निर्देश दिया। सीएमएचओ ने फोन पर चर्चा के दौरान बताया कि पानी के अलावा, दूषित खाद्य पदार्थ का सेवन, गंदगी भी बीमारी की वजह है। पानी का सैंपल टेस्ट रिपोर्ट आने पर कारण स्पष्ट हो जाएगा। महापौर ने नर्सिंग टीम को डोर टू-डोर जांच करने कहा।

 

डीपीआर के विपरीत कराए गए कार्यों की होगी जांच

महापौर मंजूषा भगत ने कहा पीलिया फैलना चिंतनीय है। इसकी सूचना निगम को तत्काल देनी थी। उन्होंने कहा निगम कह टीम के साथ भ्रमण के दौरान जो जानकारी मिली है, और शिकायत एवं सुझाव आए हैं, उस पर तत्काल निराकरण की पहल की जाएगी। उन्होंने पूरे शहर की सफाई व्यवस्था की समीक्षा का निर्देश अधिकारियों को दिया है। पानी का जांच रिपोर्ट आने तक पानी उबाल कर पीने की सलाह दी है, और कहा है डरने की जरूरत नहीं है, जल्द ही समस्या का समाधान होगा। नाली के बगल में या नाली के नीचे पाइपलाइन की बात सामने आई है। अमृत मिशन के तहत डीपीआर के विपरीत कई स्थान पर पिछली निगम सरकार में कार्य कराया गया है, इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। गलियों का चिन्हांकन कर पाइपलाइन शिफ्टिंग कराया जाएगा। हमें आरोप-प्रत्यारोप को किनारे रखते हुए समस्या से निपटना है

 

चप्पल से लीकेज बंद करने वाला ठेकेदार होगा ब्लैक लिस्टेड

जलप्रदाय विभाग के प्रभारी सदस्य जितेंद्र सोनी ने कहा-पीलिया से पीड़ित क्षेत्र से पानी का सैंपल लेकर रायपुर भेजा गया है, 26 या 27 फरवरी को रिपोर्ट आ जाएगा। जिन गलियों में नालियों के संपर्क में कनेक्शन दिए गए हैं उन्हें सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा। एक व्यक्ति के नल कनेक्शन के दौरान चप्पल से लीकेज बंद करने का मामला सामने आया है, इस कार्य को करने वाले ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड करने की कार्रवाई की जा रही है। विभाग को निर्देश दिया गया है कि कनेक्शन और ठेकेदार को कार्य सुपुर्द करने के पहले स्थल का जांच कराया जाए।

 

सर्वे दौरान लिए गए सभी सैंपल पाए गए निगेटिव

कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देशन में नगरीय क्षेत्र अंबिकापुर के मोमिनपुरा एवं नवागढ़ वार्ड में पीलिया के संभावित फैलाव की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु विशेष सर्वे अभियान चलाया गया। 24.02.2026 को शासकीय नर्सिंग महाविद्यालय अंबिकापुर की 35 नर्सिंग छात्राओं द्वारा घर-घर सर्वे कर संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए गए। इससे पूर्व 23.02.2026 को लिए गए पीलिया के सभी सैंपल की जांच रिपोर्ट निगेटिव प्राप्त हुई है, जिससे क्षेत्र में वर्तमान स्थिति नियंत्रण में पाई गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा क्षेत्र की सतत निगरानी की जा रही है। आवश्यकता अनुसार क्लोरीनेशन, स्वच्छ पेयजल एवं जन-जागरूकता गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि पीलिया के लक्षण जैसे आंखों एवं त्वचा का पीला पड़ना, कमजोरी, भूख न लगना, उल्टी अथवा बुखार होने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं, स्वच्छ पेयजल एवं साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।

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