रायपुर। राज्य के ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो) ने बुधवार को कोर्ट में राजस्व निरीक्षक (आरआई) विभागीय परीक्षा पेपर लीक मामले में अपनी पहली चार्जशीट दाखिल कर दी। ईओडब्ल्यू द्वारा रायपुर कोर्ट में पेश की गई यह चार्जशीट 3,000 पन्नों की है, जिसमें इस भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के मामले से जुड़े कई गंभीर खुलासे किए गए हैं।

इकोनॉमिक ऑफेंस विंग द्वारा फाइल की गई चार्जशीट में बताया गया है कि 7 जनवरी, 2024 को परीक्षा से ठीक एक रात पहले यानी 6 जनवरी को 100 से ज्यादा अभ्यर्थियों को होटल, फार्महाउस और रिसॉर्ट में ठहराया गया था। इसके बाद उन्हें छत्तीसगढ़ राजस्व निरीक्षक डिपार्टमेंटल एग्जाम का प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया गया था, साथ ही नोट्स भी तैयार करवाए गए थे।

इस बारे में जानकारी देते हुए ईओडब्ल्यू प्रमुख अमरेश मिश्रा ने बताया कि, ‘इस मामले में अबतक हमने दो लोगों को गिरफ्तार करते हुए चार्जशीट दाखिल कर दी है। साथ ही मामले में आगे की जांच जारी है।’ रायपुर कोर्ट में जमा की गई 3,000 पेज की इस चार्जशीट में असिस्टेंट स्टैटिस्टिकल ऑफिसर (सहायक सांख्यिकी अधिकारी) वीरेंद्र जादव और हेमंत कुमार कौशिक का नाम है। जिन्हें जांच एजेंसी द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है।

अधिकारियों ने कहा कि आरोपियों ने पैसों के बदले यह प्रश्न पत्र लीक किया था। और कई इलेक्ट्रॉनिक तरीकों से उसे अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया था, जिसके डिजिटल सबूत भी जांच अधिकारियों को मिल चुके हैं। अधिकारियों ने कहा कि पेपर के बदले हुआ फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन और बातचीत का रिकॉर्ड भी चार्जशीट के साथ सबूतों के रूप में जमा किया गया है।

जांच के दौरान ईओडब्ल्यू ने पाया कि अलग-अलग जिलों के अभ्यर्थियों को अलग-अलग जगहों पर रुकवाया गया था और उन्हें प्रश्नपत्र में आने वाले सवाल बताकर नोट्स तैयार करने के लिए कहा गया था। अधिकारियों की मानें तो इस साजिश में आरोपियों के रिश्तेदारों और साथियों ने भी अभ्यर्थियों की मदद की थी और उनके लिए अरेंजमेंट कोऑर्डिनेट किया था।

इसके अलावा अधिकारियों ने कॉल रिकॉर्ड विश्लेषण से मिले सूबतों के बारे में भी बताया, उन्होंने कहा कि आरोपी और कैंडिडेट 6 जनवरी, 2024 की रात को, परीक्षा से एक दिन पहले, एक ही जगह पर थे। जांच करने वालों ने कुछ कैंडिडेट के मार्क्स और जवाब देने के पैटर्न में एक जैसी बातें पाईं, जिससे पता चलता है कि उन्होंने एक ही आंसर-की के आधार पर तैयारी की थी।

इस मामले में जांच एजेंसी ने सप्लीमेंट्री चार्जशीट फाइल करने की भी तैयारी करके रखी है। अधिकारियों ने बताया कि जैसे-जैसे और सबूत इकट्ठा होंगे, आने वाले समय में पूरक आरोपपत्र भी दायर किया जा सकता है।

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