अंबिकापुर। गांधीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सकालो में स्थित च्वाइस सेंटर संचालक से नकद राशि प्राप्त करने के लिए एक युवक ने ऐसी अपराधिक चाल चली, जिससे उसका खाता ब्लॉक हो गया। बैंक और साइबर सेल में इसकी जानकारी देने पर पता चला कि उसके खाते में गलत तरीके से प्राप्त रकम डाला गया है, जिसकी शिकायत गुरमीत सिंह नामक व्यक्ति ने साइबर सेल में दर्ज कराई है, इस पर कार्रवाई करते हुए उसके सभी बैंक खाते को ब्लॉक कर दिया गया है।
ग्राम पंचायत सकालो निवासी सुजीत मंडल पिता सुकुमार मंडल ने पुलिस को बताया है कि वह गांव में ही काली माई च्वाइस सेंटर के नाम से सीएससी सेंटर का संचालन पिछले 4 वर्ष से कर रहा है। यहां जरूरत पड़ने पर लोग उससे नकद रकम भी प्राप्त करते हैं, जिसका निर्धारित शुल्क वह लेता है। एक नवम्बर को दोपहर में करीब 1.18 बजे उसके दुकान में अनिष गिरी पिता अविनाश गिरी निवासी बरवल चम्पारण बिहार, नाम का लड़का आया और बताया कि वह गोधनपुर में रहकर सब्जी बेचता है। वह बताया कि उसका सेठ रुपये भेजने वाला है, लेकिन उसका बैंक खाता काम नहीं कर रहा है। वह रुपये सेंटर संचालक के खाता में मंगवाने और लेकर निर्धारित शुल्क पटाने की बात कहा। इस पर वह उसका आधार कार्ड व मोबाइल नंबर लेकर अपने खाता का क्यूआर कोड दिया, जिसे वह अपने सेठ गुरमीत सिंह को भेजा। इसके बाद 1.27 बजे खाता में 99 हजार 999 रुपये गुरमीत सिंह के आईडीबीआई बैंक के खाता से प्राप्त हुआ। इसके बाद वह अपने काउंटर में रखे 40 हजार रुपये अनिष गिरी को दे दिया। शेष बचे 60 हजार रुपये निकालकर लाने के लिए वह अपने स्टाफ सुमेर सिंह को एटीएम भेजा। उसके स्टाफ के साथ अनिष गिरी भी यह कहकर गया कि वह गोधनपुर में रुपये लेकर उतर जाएगा। 60 हजार रुपये गोधनपुर के एटीएम से स्टाफ निकालकर उसे दे दिया और कमीशन का 800 रुपये लेकर वापस आ गया। इसके बाद 7 नवंबर को बैंक जाने पर पता चला कि जिस खाता में वह 99 हजार 999 रुपये लिया था वह ब्लॉक हो गया है। इंडसईंड बैंक में जाने पर पता चला कि उसके एकाउंट नंबर में फ्रॉड का रुपये आया था, जिस कारण एकाउंट ब्लाक हो गया है। इसकी जानकारी वह साइबर सेल में दिया, यहां से पता चला कि गुरमीत सिंह ने साइबर सेल में रिपोर्ट दर्ज कराया है कि उनके बैंक एकाउंट से गलत तरीके से रुपये आहरण करके अन्य खातों में ट्रांसफर किया गया था है, जिस कारण अन्य खाते भी ब्लॉक हो गए हंै। साइबर सेल से गुरमीत सिंह पिता चमकौर सिंह का मोबाइल नंबर लेकर पूरी जानकारी देकर बात करने पर वह स्वयं के साथ ठगी होने की बात कहकर रुपये ट्रांसफर नहीं करना बताया और एक लाख रुपये वापस मांगने लगा। महाकाल मोबाइल के खाता में ट्रांसफर किए गए रुपये को भी वह सेंटर संचालक और महाकाल मोबाइल के संचालक को फोन करके मांग रहा था। दुकान में लगे सीसीटीव्ही कैमरा में कैद अनिष के फोटो के आधार पर तलाशी में पता चला कि अनिष अपने दोस्त सद्दाम के साथ घूमता-फिरता है और सरगवां में किराए के मकान में रहता है। दोनों सब्जी बेचने का काम नहीं करते है। गुरमीत सिंह से बातचीत करने के बाद मुझे विश्वास हो गया है कि अनिष गिरी अपराध का रुपये प्राप्त करने के लिए छलपूर्वक झूठ बोलकर उसके खाता में दूसरे के खाता से गलत तरीके से प्राप्त रुपये ट्रांसफर कराया और झांसा देकर नकद रकम ले लिया। फ्रॉड का रकम लेने में वह अपने बैंक खाता का उपयोग नहीं किया क्योंकि वह जानता था कि जैसे ही रुपये उसके खाता में आएगा उसका खाता ब्लॉक हो जाएगा। सीएससी सेंटर के संचालक ने अनिष गिरी के ऑनलाइन अपराधियों के ग्रुप से जुड़े होने की संभावना व्यक्त की है। मामले में केस दर्ज करके पुलिस अग्रिम जांच कार्रवाई कर रही है।

 

 

 

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