दो अलग-अलग मामलों में एसीबी की टीम ने 2 रिश्वतखोरों को किया गिरफ्तार
सूरजपुर। जिले के रिश्वतखोर कर्मचारी एवं अधिकारियों पर नकेल कसने हो रही शिकायतों के बाद लगातार एन्टीकरप्शन ब्यूरो की टीम कार्रवाई कर रही है, परंतु सरकारी दफ्तरों में सिस्टम बन चुके घुसखोरी के इस दस्तूर में अधिकारी अपने कर्मचारियों तक को नहीं छोड़ रहे हैं, ऐसे में अन्य लोगों के साथ क्या होता होगा, इसका अंदाजा सहजता से लगाया जा सकता है।


शुक्रवार को जिले के केरता स्थित शक्कर कारखाना का असिस्टेंट इंजीनियर को एसीबी की टीम ने 50 हजार की रिश्वत लेते धर दबोचा है। बताया गया है कि जिले के ग्राम पोड़िपा, तहसील लटोरी के प्रदीप कुमार द्वारा एन्टीकरप्शन ब्यूरो, अंबिकापुर में शिकायत की गई थी कि उसकी संविदा नियुक्ति वर्ष 2024 में मां महामाया सहकारी शक्कर कारखाना मर्यादित केरता, जिला सूरजपुर में डी.सी. ड्राईव ऑपरेटर के पद पर हुई थी। नियुक्ति पश्चात् चंदू राम नायक, असिस्टेंट इंजीनियर, प्रभारी चीफ इंजीनियर मशीनरी द्वारा कॉशन मनी के नाम पर एक लाख रुपये ले लिया गया। उक्त राशि का उसके द्वारा कोई रसीद या प्रमाणपत्र नहीं दिया गया था। एक वर्ष के पश्चात् पुन: उनके द्वारा यथावत् बने रहने हेतु 1 लाख रुपये की मांग की जाने लगी। राशि देने में असमर्थता जताने पर नौकरी से निकाल देने की धमकी दी गई। धमकी के बाद 8 सितम्बर को नौकरी से निकाल भी दिया गया। प्रार्थी द्वारा कुछ दिन बाद आरोपी चंदू राम नायक से निवेदन करने पर नौकरी पर पुन: नियुक्ति करवाने के लिए एक लाख रुपये रिश्वत की मांग की गई। प्रार्थी रिश्वत नहीं देना चाहता था, बल्कि आरोपी को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़वाना चाहता था। शिकायत सत्यापन पश्चात् शुक्रवार, 10 अक्टूबर को ट्रेप आयोजित कर प्रार्थी से चंदू राम नायक को प्रथम किश्त के रूप में 50 हजार की रिश्वत लेते एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने धर दबोचा है।
बिलासपुर में धराया आदिम जाति विकास विभाग का बाबू


न्यायधानी बिलासपुर में आदिम जाति विकास विभाग का एक बाबू अंतर्जातीय विवाह करने पर शासन की तरफ से मिलने वाली प्रोत्साहन राशि दिलाने के नाम पर 10 हजार की रिश्वत लेते एसीबी के हत्थे चढ़ गया है। बताया गया है कि ग्राम निपनिया के अभिलाष बर्मन द्वारा एन्टी करप्शन ब्यूरो, बिलासपुर में शिकायत की गई थी कि वह अनुसूचित जाति का है तथा उसके द्वारा अन्य समाज की लड़की से अंतर्जातीय विवाह किया गया है। अंतर्जातीय विवाह करने पर शासन की तरफ से मिलने वाली प्रोत्साहन राशि 2.5 लाख रुपये दिलाने के एवज में बिलासपुर के आदिम जाति विकास विभाग में पदस्थ बाबू मनोज तोन्डेकर द्वारा 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत सत्यापन पश्चात् टीम ने 10 अक्टूबर शुक्रवार को ट्रेप आयोजित कर प्रार्थी से बाबू मनोज तोन्डेकर को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया। दोनों मामलों में अंबिकापुर एवं बिलासपुर की टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध धारा 7 पीसीएक्ट 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की है।

Categorized in: