बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सुकमा के पाकेला पोर्टा केबिन आवासीय विद्यालय में 400 से अधिक छात्रों के भोजन में फिनाइल मिलने की घटना पर मुख्य सचिव से जवाब मांगा है। पुलिस ने आरोपी शिक्षक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। घटना के बाद भोजन को नष्ट कर दिया गया। कलेक्टर की जांच समिति ने जिला प्रशासन को रिपोर्ट सौंप दी है। मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर को होगी।

कोर्ट ने की घटना पर सख्त टिप्पणी
उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायमूर्ति विभु दत्त गुरु की खंडपीठ ने मीडिया रिपोर्ट के आधार पर इस मामले को गंभीर बताया है। कोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव से व्यक्तिगत हलफनामे के साथ जवाब मांगा है। उच्च न्यायालय ने इस घटना पर सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि 426 बच्चों के खाने में फिनाइल मिला था। अगर कोई दुर्घटना हो जाती तो हालात संभालना मुश्किल हो जाता। यह बहुत ही गंभीर लापरवाही है और ऐसा कैसे हो रहा है, क्या कोई ध्यान नहीं देता?’

कुत्ते का झूठा भोजन मामले में भी लिया था स्वत: संज्ञान
बलौदाबाजार के मिडिल स्कूल में भी इसी साल 28 जुलाई को बच्चों को मिड-डे मील में आवारा कुत्ते का जूठा भोजन परोसा गया था। इस मामले में उच्च न्यायालय ने स्वत: संज्ञान लेते हुए पीड़ित 84 बच्चों को 25-25 हजार रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया था। बलौदाबाजार और सुकमा के मामले में उच्च न्यायालय ने स्वत: संज्ञान लेकर सुनवाई की है।

 

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