दुकान में काम करने वाला ग्रामीण दौड़ते पहुंचा थाने, व्यवसायी के विरूद्ध केस दर्ज
अंबिकापुर। व्यवसायी ने दुकान में काम करने वाले कर्मचारी को विश्वास में लेकर उसके नाम पर कई बैंकों में खाता खुलवाया और पासबुक, एटीएम और उसके नाम पर लिए गए सीम को अपने पास रखकर गलत तरीके से रकम की प्राप्ति के उपयोग में करने लगा। व्यवसायी ने अचानक अपने कारोबार को घाटा होना बताकर बंद कर दिया गया था, जिस कारण उक्त कर्मचारी दूसरे जगह काम करने लगा। इसी बीच एक बैंक से उसके खाता में काफी लेन-देन होने की सूचना मिली, जिस पर वह व्यवसायी से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहा। इसकी लिखित शिकायत खाताधारक ने गांधीनगर थाना में की है, जिस पर व्यवसायी के विरूद्ध पुलिस ने केस दर्ज किया है। जानकारी के मुताबिक बलरामपुर जिला के राजपुर थाना अंतर्गत ग्राम सिधमा का विशाल मानिकपुरी पिता सुखदेव 27 वर्ष वर्तमान में कुण्डला सिटी में हनुमान प्लास्टिक में करीब 3 माह से काम कर रहा है। इसके पूर्व में वह कुण्डला सिटी में अंकित गर्ग के दोना-पत्तल दुकान, विजय लक्ष्मी में 6 साल तक काम किया था। लम्बे समय तक काम करने के कारण दुकान के मालिक से उसका अच्छा परिचय हो गया था, और घर में भी आना-जाना करता था। बीते वर्ष वह अंकित गर्ग के घर गया, तो वह बोला कि दुकान अच्छे से नहीं चल रहा है, और उसका बैंक खाता भी बंद हो गया है, जिस कारण वेतन देने में भी दिक्कत हो रहा है। इसके बाद उसने एक नया फर्म कर्मचारी विशाल के नाम पर खोलने का सुझाव देते हुए उसके नाम से नया बैंक खाता खोलने की बात कहा, ताकि दुकान में रुपये का आवक-जावक होते रहे। कई साल से अंकित गर्ग के दुकान में काम करने के कारण वह विश्वास में आकर हामी भर दिया। इसके बाद अंकित उसे कैनरा बैंक ले गया और एक बैंक खाता मां महामाया फर्म के नाम से खुलवाकर उससे हस्ताक्षर करवाया। कुछ दिन बाद वह बोला कि कैनरा बैंक का खाता काम नहीं कर रहा है, इसके बाद उसे बैंक ऑफ बड़ौदा, एसबीआई और यूको बैंक ले गया और उसके नाम से इन बैंकों में भी खाता खुलवाया और कर्मचारी के नाम से ही कई सीम खरीदा। इसके बाद वह बैंकों का खाता, एटीएम और सीम ले लिया। इसके बाद फिर से दुकान का काम चालू हो गया, और वह विशाल को हर माह समय पर वेतन दे रहा था। अंकित ने जब विभिन्न बैंकों में खोले गए खाता के बारे में पूछा, तो उसने खाता का उपयोग दुकान में करने की जानकारी देकर उसे गुमराह कर दिया। मार्च-अप्रैल माह में अचानक अंकित दुकान बंद कर दिया, कारण पूछने पर उसने बहुत नुकसान होने और कुछ दिन दुकान बंद रहने की बात कहा। जब वह अंकित से पना खाता और सीम मांगा तो वह कहा थोड़ा लॉस में हूं, सब ठीक होने पर मोबाइल और सीम दे देगा। कुछ दिन इंतजार करने के बाद वह दूसरे जगह काम करने लगा। इसके बाद भी वह अंकित से खाता और सीम के लिए बात किया, तो वह कुछ नहीं बोला। कुछ दिन पहले विशाल के पास कैनरा बैंक से फोन आया कि उसके खाता में बहुत ज्यादा लेन-देन हुआ है, थाना में जाकर रिपोर्ट दर्ज कराओ। इसके बाद वह अंकित के घर गया, तो वह नहीं मिला। कई बार फोन करने के बाद भी वह फोन नहीं उठाया, अगर फोन रिसीव भी करता, तो तुरंत काट देता था। इसके बाद धोखाधड़ी का एहसास होने पर वह थाने में पहुंचकर इसकी रिपोर्ट दर्ज कराया है, जिस पर पुलिस अग्रिम वैधानिक कार्रवाई कर रही है।

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