पीसीबी कोल ब्लॉक में प्रवेश करके प्रभावित परिवारों ने मचाया हंगामा, कोल परिवहन में लगी वाहनों का रास्ता रोका
अंबिकापुर। उदयपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत साल्ही अंतर्गत पीसीबी कोल ब्लॉक के अंदर शनिवार को लगभग 80-90 महिला-पुरुषों के साथ प्रभावित परिवार घुस गए, जिस कारण कोल परिवहन में लगी गाड़ियों के चक्के थम गए। आरोप है कि अडानी कंपनी आने-जाने के रास्ते को बंद करके किसानों के जमीनों में काम करना शुरू कर दी है, जिससे प्रभावित गांव के लोग आक्रोशित होकर सुबह करीब 11 बजे पीसीबी कोल ब्लॉक में घुस गए और कोयला लोड गाड़ियों का रास्ता रोक दिया। सूचना मिलने पर अडानी प्रबंधन के राजेश सॉव व एचआर राम द्विवेदी मौके पहुंचे और गमीणों को समझाने की कोशिश किए, परन्तु ग्रामीणों ने गाड़ियों को आगे नहीं बढ़ने दिया।
इसकी सूचना मिलते ही मौके पर थाना प्रभारी उदयपुर कुमारी चंद्राकर अपने स्टॉफ के साथ पहुंचीं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अडानी कंपनी बिना मुआवजा दिए उनके जमीनों को फेंसिंग करके घेर दिया है, जिससे उनके आने-जाने का मार्ग अवरूद्ध हो गया है। वहीं रास्ते को ब्लॉक करके कंपनी कोयला खोदाई का कार्य प्रारंभ कर दी है। कंपनी की मनमाना कार्यप्रणाली के कारण गांव के लोगों और उनके मवेशियों को आने-जाने में समस्या हो रही है। ग्राम साल्ही के जय सिंह कुसरो ने अडानी कंपनी पर आरोप लगाते हुए कहा कि पीसीबी कोल ब्लॉक फर्जी ग्राम सभा प्रस्ताव के आधार पर खोला गया है, सभी किसानों को मुआवजा भी नहीं दिया गया है। इसके बाद भी ग्रामीणों की जमीनों पर खोदाई कार्य किया जा रहा है, जो उचित नहीं है। पीसीबी कोल ब्लॉक के अंदर उनके तीन देव स्थल हैं, जहां आने-जाने में समस्या हो रही है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि जब तक अंतिम किसान का मुआवजा वितरण नहीं हो जाता तब तक किसानों के रास्ते एवं जमीनों को कोई नुकसान नहीं होना चाहिए, उन्हें यथावत रखने की मांग की गई है। अडानी प्रबंधन ने रास्तों को खोलने और आवागमन की व्यवस्था करने के लिए 5 दिन का समय मांगा। थाना प्रभारी की समझाइश पर ग्रामीण एक घंटा बाद माने। इस दौरान साल्ही गांव के सरपंच प्रतिनिधि विजय कुमार कोर्राम, क्षेत्र क्रमांक 10 के जनपद सदस्य श्रवण सिंह वरकड़े, जिला पंचायत सदस्य रैमुनिया करियाम के साथ ग्राम साल्ही के ग्रामीण आनंद राम कुसरो, ठाकुर राम कुसरो, राम लाल करियाम, भगवती राम कुसरो, अकील साय कुसरो, धरम पाल पोर्ते, जयलाल पोर्ते, सुखनन्दन पोर्ते, बुधराम उइके सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।

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