सामाजिक कार्यकर्ता ने वीडियो बनाकर दिखाया आइना


अंबिकापुर। शहर की सड़कों में जानलेवा खड्डे को लेकर बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए जिम्मेदारों की नींद खुली और जगह-जगह पैबंद लगा गड्ढों को पाटने का काम किया गया। यह काम कैसा हुआ, यह अंबेडकर चौक से गुजरी हाइवे की सड़कों पर देखी जा सकती है। एक समाजसेवी ने इस ओर प्रशासन का ध्यान दिलाने का प्रयास किया। इसका वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने के बाद भी बेहतर सड़कों और जलजमाव को रोकने की योजना बनाने वाले जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने गैर जिम्मेदाराना तरीके से सड़क पर पैबंद लगाने का काम करने वालों की खबर लेना उचित नहीं समझा।
मामला अंबिकापुर से बनारस की ओर जाने वाले मार्ग का है। इस राष्ट्रीय राजमार्ग को दुर्गति को दूर करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने ऐसा पैबंद लगाया, जो उंगली की रगड़ मात्र से गड्ढे में तब्दील हो रही है। शहर में दो-दो कैबिनेट मंत्री और कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त दो-दो शख्सियत होने के अलावा समय-समय पर चौक-चौराहों पर दहाडऩे वाले विपक्ष के नेताओं की मौजूदगी के बाद भी संभाग मुख्यालय में गड्ढों को पाटने के लिए की गई खानापूर्ति को लेकर किसी ने आवाज नहीं उठाई। ऐसे में जनमानस का कहना है कि सामाजिक कार्यकर्ता के द्वारा आइना दिखाने के बाद भी बनी चुप्पी भ्रष्टाचार में लगे लोगों का मनोबल बढ़ाना नहीं तो और क्या है। बात करें सूबे के मुखिया की तो उनके द्वारा चेतावनी भरे लहजे में कहा जाता है कि सड़क निर्माण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के ईएनसी को हटाकर अपनी सख्ती भी सामने लाई। सरगुजा जिला प्रशासन भी सड़क निर्माण में गुणवत्ता को लेकर गंभीर है, जिले के भ्रमण के दौरान कलेक्टर द्वारा वाहन रूकवाकर लिए जाने वाले सेंपल से यह प्रतीत होता है। इन सबके बीच शहर में पैबंद लगा की गई लीपापोती पर किसी का ध्यान नहीं जाना समझ से परे है।
उंगली से खोद कर दिखाई गुणवत्ता
जी हां…हम जिस सड़क में लगाए गए पैबंद की बात कर रहे हैं, उसकी गुणवत्ता का आइना दिखाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता सुजान बिंद हैं, जो पूर्व में स्वास्थ्य विभाग में सेवारत रहे, इनकी पहचान कर्मचारी नेता के रूप में भी है। नौकरी को इन्होंने इसीलिए त्याग दिया ताकि वे जनमानस के सामने जनता की गाढ़ी कमाई का दुरूपयोग करने वालों को ला सकें। हाल में बनी सड़क की दुर्गति को बीच सड़क में खड़े होकर इन्होंने दिखाया। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि चंद दिन पूर्व बनी सड़क का रॉ-मटेरियल उंगली से खोदने में गड्ढे का आकार ले रहा है। वीडियो को डॉ.गहरवार ने बनाया और दवा विक्रेता संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष घनश्याम अग्रवाल डामरीकृत सड़क को उंगली से कुरेद कर दिखा रहे हैं।  
वीआईपी मार्ग का यह हाल
अंबिकापुर-मनेंद्रगढ़ और बनारस मार्ग, राष्ट्रीय राजमार्ग में आता है। इसे व्हीआईपी सड़क की संज्ञा दी जाए तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। इस मार्ग से लगा शहर ही नहीं सरगुजा संभाग का सबसे बड़ा पीजी कॉलेज है, जहां कई कद्दावर नेताओं, अधिकारियों सहित अन्य व्हीआईपी हवाई मार्ग से यात्रा कर हेलीकाप्टर से उतरते हैं। इनकी अगवानी के लिए प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहते हैं। सड़क मार्ग से होकर ही ये लग्जरी वाहनों में शहर के हृदयस्थल पहुंचते हैं, लेकिन इन्हें इस मार्ग की दुर्गति नजर नहीं आती है। दुर्भाग्य ही कहा जाए कि सड़क की दुर्गति रोकने विभिन्न संगठनों के द्वारा उठाई गई आवाज के बाद भी लीपापोती का काम करने से जिम्मेदार बाज नहीं आए।  

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