भैयाथान/दतिमा मोड़- युवा अध्यक्ष एंव जिला उपाध्यक्ष, अखिल भारत हिन्दू महासभा अनुप जायसवाल ने कहा देश मे कोरोना वायरस के बढ़ते असर को देखते हुए सरकार ने 3 मई को ख़त्म होने वाले लॉक डाउन को बढ़ा कर 17 मई तक कर दिया था, पर लॉकडाउन 3.0 का पहला दिन इतना घातक हो सकता था ये किसी ने नही सोचा होगा। इस लॉक डाउन 3.0 को विभिन्य ज़िलों में बटा गया था, इन जिलों में कोरोना के संक्रमण नही थे उन्हें ग्रीन जोन में रखा गया, जहाँ थोड़े बहुत संक्रमित लोग थे उन जिलों को ऑरेंज जोन में रखा गया और जहाँ संक्रमण के मामले ज्यादा थे उन्हें रेड जोन में रखा गया और इसी तर्ज पर ग्रीन जोन एवं रेड ऑरेंज जोन में आर्थिक गतिविधियों को शुरू करने का आदेश दिया गया। करीब डेढ़ महीने की कैद के बाद शराब के लिए लोग घरों से ऐसे निकले जैसे अगले ही दिन फिर से शराब की दुकानें बंद होने वाली हों। बहुत सारे लोगों ने शराब की खरीदारी भी ऐसे की, मानों महीने भर के लिए स्टॉक करना जरूरी हो। शराब दुकानों पर लोगों की भीड़, दो-दो किलोमीटर तक लगी लंबी कतारों की तस्वीरें दिनभर मीडिया में छाई रहीं। केंद्र और राज्य सरकारों को शराब की बिक्री पर रोक लगाना चाहिए क्योंकि आज के इस महामारी में सबसे महत्वपूर्ण है भोजन क्योकि चाहे वह उच्च वर्ग के लोग हो चाहे मध्यम या निम्न वर्ग के सभी लोग इस शराब पीने के चक्कर मे अपनी आय को बर्बाद कर सकते हैं इस लिए सरकार इस पर जल्द जल्द निर्णय ले ताकि नशा से लोगो की रुपयों की बर्बादी रुक सकें।

प्रदेश की राजधानी रायपुर समेत राज के अन्य जिलों में शराब की खरीदारी के लिए हजारों की संख्या में जो भीड़ उमड़ी, उसने कोरोना के खिलाफ करीब डेढ़ महीने से जारी जंग में सबसे बड़े हथियार ‘सोशल डिस्टेंसिंग’ को ही खंडित कर डाला है।

कोरोना से जंग में किए जा रहे प्रयासों को ठेंगा दिखाती और सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाती इन तस्वीरों ने देश में कोरोना संक्रमण के मामले पहले के अपेक्षाकृत और ज्यादा होने की आशंका बढ़ा दी है। इसका बड़ा खामियाजा शराब न पीने वाले लोगों को भी भुगतना पड़ सकता है।

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