ठेकेदार और अधिकारियों के विरूद्ध अपराध दर्ज करने परिवाद पेश, न्यायालय ने 20 जून तिथि नीयत की

अंबिकापुर। बलरामपुर वनमंडल में वारवेट वॉयर सप्लाई किए बिना 29 लाख 10 हजार 900 रुपये का भुगतान करने का आरोप लगाते हुए उक्त घोटाले के संबंध में संबंधित ठेकेदार और संलग्न अधिकारियों के विरुद्ध न्यायिक दंडाधिकारी बलरामपुर के न्यायालय में धारा 156(3) का परिवाद पेश किया गया है।
बलरामपुर जिले के वन मंडलाधिकारी वनमंडल बलरामपुर के द्वारा मेसर्स दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी सदर रोड अंबिकापुर को सीएसआईडीसी पोर्टल के माध्यम से 16 जनवरी 2022 को विभागीय मद से सहायक प्राकृतिक पुनरोत्पादन कार्य में सुरक्षा कार्य हेतु 36,250 किलोग्राम बारबेट वॉयर प्रदाय करने हेतु आदेश क्रमांक 3220 11 6 0000 4 दिया गया था। इसी क्रम में आदेश क्रमांक 322 020 500015 दिनांक पांच फरवरी 2022 को कैंपर मद से हाईटेक नर्सरी में सुरक्षा कार्य हेतु 6912 किलोग्राम चैन लिंक का प्रदाय करने जारी किया गया, जिसमें दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी के द्वारा मात्र 5050 किलोग्राम चैन लिंक फैंस प्रदाय किया गया। 1862 किलोग्राम चैन लिंक फैंस आदेश के अनुसार प्रदाय नहीं किया गया, जबकि दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी के द्वारा आदेशित मात्रा का पूर्ण भुगतान प्राप्त कर लिया गया था। इसके संबंध में वन मंडलाधिकारी बलरामपुर के द्वारा दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी अंबिकापुर को आठ अगस्त 2022 को पत्र क्रमांक 1830 लिखा गया तथा 1862 किलोग्राम चैन लिंक फैंस प्रदाय करने हेतु बोला गया, इसके बाद भी दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी के द्वारा सामग्री प्रदान नहीं किया गया, जिसके कारण 20 अगस्त 2022 एवं 17 अक्टूबर 2022 को भी वन मंडलाधिकारी बलरामपुर वन मंडल के द्वारा पत्र लिखकर सामग्री प्रदाय किए जाने का निर्देश दिया गया। आरोप है कि इसके उपरांत भी दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी के द्वारा शासन से राशि प्राप्त करने के बाद भी सामग्री प्रदाय नहीं किया गया तथा शासकीय राशि का गबन दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी के द्वारा वन मंडल के अधिकारियों के साथ मिलकर किया गया और सामग्री दिए बगैर ही फर्जी बिल बाउचर प्रस्तुत कर लाखों रुपये की राशि आहरण कर लिया, जिसमें मेसर्स दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी के प्रोपराइटर के अलावा वन मंडलाधिकारी कार्यालय के राशि भुगतान करने वाले अधिकारी भी जिम्मेदार हैं। कारण किसी भी सामग्री को प्रदाय करने के उपरांत ही संबंधित वन परिक्षेत्राधिकारी एवं उप वन मंडलाधिकारी के द्वारा सामग्री प्रदाय करने के संबंध में एनओसी प्रदाय किया जाता है तथा हस्ताक्षर कर वन मंडलाधिकारी को प्रदाय किया जाता है, तो राशि का भुगतान होता है, लेकिन दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी के प्रोपराइटर को दो बिल में कुल राशि 29 लाख 10 हजार 900 रुपये का भुगतान संबंधित वन मंडलाधिकारी के द्वारा बिना जांच पड़ताल किए कर दिया गया और शासन के साथ धोखाधड़ी एवं चीटिंग की गई। शासकीय राशि का गबन सुनियोजित तरीके से किया गया, जो कि आपराधिक कृत्य है। मामले में दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी के प्रोपराइटर व वन मंडलाधिकारी कार्यालय के राशि भुगतान करने वाले अधिकारी एवं शासकीय राशि गबन करने तथा फर्जी बिल वाउचर बनाने की जानकारी देते हुए थाना बलरामपुर में 05 अप्रैल 2023 को आवेदन प्रस्तुत किया गया था, लेकिन थाना प्रभारी बलरामपुर के द्वारा कोई भी अपराध पंजीबद्ध नहीं किया गया। पुलिस अधीक्षक बलरामपुर के समक्ष दिनांक 08 मई 2023 को प्रथम सूचना पत्र दर्ज कराने का आग्रह किया गया लेकिन पुलिस अधीक्षक के द्वारा भी कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसके कारण डीके सोनी अधिवक्ता के द्वारा न्यायिक दंडाधिकारी बलरामपुर के न्यायालय में धारा 156(3)दंड प्रक्रिया संहिता के तहत परिवाद पेश किया गया एवं दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी तथा कूटरचित दस्तावेज तैयार करने वाले अधिकारी के विरुद्ध अपराध अंतर्गत धारा 409, 420, 419, 467, 468 एवं 471 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध करने का निवेदन न्यायालय से किया गया है, जिसे न्यायालय ने संज्ञान लेते हुए 20 जून 2023 को थाने से एफआइआर दर्ज होने के संबंध में प्रतिवेदन मंगाया गया है तथा सुनवाई एवं तर्क हेतु 20 जून को 2023 को नीयत  किया गया है।

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