बलरामपुर रामानुजगंज(विकाश कुमार केशरी)- आजादी के बाद जिस गांव में जहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, घने जंगलों से घिरे ऐसे ग्राम में बलरामपुर वनमंडल के अधिकारियों ने स्वतंत्रता दिवस मना कर वनवासियों को चौका दिया, अधिकारी उफनती नदी को पार कर गांव तक पहुंचें, उन्हें मिठाईयां बांटी, उनके साथ फुटबाल मैच खेला, उनके वन अधिकार पट्टे का वितरण किया और प्रत्येक परिवार को 50-50 पेड लगाने की शुरूआत की, नदी में पानी का बहाव देख रात वहीं गुजारी, सुबह जब पानी कम हुआ अधिकारी गांव से वापस लौट आए। अपने बीच नई पहल देख वनवासियों में खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

इस संबंध में डीएफओ लक्ष्मण सिंह ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस पर हमने ऐसे गांव का चयन किया जहां कभी कोई नहीं गया हो, कार्यालय में झंडा वंदन के पश्चात एसडीओ विजय भूषण केरकेट्टा, रेंजर संतोष पांडेय, डिप्टी रेंजर ओम प्रकाश तिवारी की टीम को मैने ग्राम चिलमा रवाना किया। जहां संरक्षित जनजाति कोरवा और नगेशिया परिवारो की बाहुल्यता है, उन्हें सरप्राईज देते हुए उनके वन अधिकार पट्टो को वितरण किया गया, साथ उनके साथ 50-50 फलदार पेड लगाने की शुरूआत भी की गई, उनकी समस्याओं में सबसे बडी समस्या आवागमन की है, जो जल्द की दुरूस्त की जाएगी।

जानकारी के अनुसार स्वतंत्रता दिवस पर बलरामपुर वन मंडल ने ऐसे गांव का चयन कर ग्रामावासियों के बीच सरकारी की योजनाओं को पहुंचाने का प्रयास किया, इसके लिए डीएफओ लक्ष्मण सिंह के निर्देश पर एसडीओ विजय भूषण केरकेट्टा, रेंजर संतोष पांडेय, डिप्टी रेंजर ओम प्रकाश तिवारी की टीम ग्राम चिलमा के लिए रवाना हुई, पूरा गांव चारों और नदी से घिरा हुआ है, अधिकारियों जब गांव की ओर निकले तब नदी में काफी पानी था, किसी तरह गले तक पानी को पार कर सभी चिलमा पहुंचें, जहां ग्रामीणों ने पारंपरिक गीत गाकर उनका जोरदार स्वागत किया। जिसके बाद अधिकारियों द्वारा अपने साथ लाई मिठाई का वितरण किया। स्वतंत्रता दिवस पर अचानक अधिकारियों को अपने बीच पाकर ग्रामीणों के साथ महिलाएं और बच्चे भी काफी खुश नजर आए। शाम को जब लौटने की बारी आई तो बताया गया कि नदी उफान पर है, जिसके बाद अधिकारियों ने रात वहीं गुजारी, दूसरे दिन नदी में पानी कम होने पर 16 अगस्त को वापस लौटे।

पौधारोपण कर प्रेरित किया- चिलमा पहुंची वन विभाग की टीम अपने साथ काफी संख्या में फलदार पौधे भी लेकर पहुंची थी, जहां अधिकारियों ने ग्रामीणों के बीच पौधारोपण अभियान की शुरूआत की, उन्हे पेडों को बचाने के लिए प्रोत्साहित किया, पहले कुछ पौधे अधिकारियों ने लगाए बाद मेे ग्रामीणों से पौधे लगवाए गए, सभी परिवारों को 50-50 पौधे वितरित किए गए और उन्हें लगाकर उनकी सुरक्षा करने की बातें भी बताई गयी।

बांटें वन अधिकार पट्टे- एसडीओ विजय भूषण केरकेट्टा के द्वारा ग्रामीणों को उनके वन अधिकार पट्टे के संबंध में बताया, उन्हें बताया कि राज्य सरकार वनवासियों का पूरा ध्यान रख रही है, जिसके बाद एक एक करके सभी को वन अधिकार पट्टे के साथ ऋण पुस्तिका का वितरण भी किया।

फूटबाल मैच का हुआ आयोजन- चिलमा पहुंची वन विभाग के अधिकारियों की टीम अपने साथ खिलाडियों की ड्रेस लेकर गई थी, साथ ही कुछ फूटबाल भी। जिसके बाद वहां उपस्थित कई नौजवानों को ड्रेस का वितरण कर उन्हें खेलने के लिए तैयार किया गया, जिसके बाद वन विभाग की टीम और ग्रामीणों के बीच एक फूटाल मैच का आयोजन भी किया गया, जिसका पूरे गांव ने काफी आन्नद उठाया।

मूलभूत सुविधाओं का है आभाव- बलरामपुर वनमंडल अंतर्गत राजपुर वन परिक्षेत्र में पहुंचविहीन ग्राम चिलमा मूल भूत सुविधाओं का मोहताज है, वन क्षेत्र होने के कारण यहां ना तो सडक है और नदी नालों पर पुल पुलिया भी नहीं बनी है, ऐसे में यहां 79 कोरवा आदिवासी परियार के साथ काफी संख्या मेें नागेशिया जाति के लोग निवासरत है। बारिश के दिनों में यह गांव पूरी तरह ब्लाक मुख्यालय से कट जाता है।

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