रामानुजगंज(विकाश कुमार केशरी)- लॉकडाउन के कारण जहां छोटे व्यवसायियों की कमर टूट गई वही सबसे ज्यादा परेशानी उन व्यवसायियों के लिए है जो किराए की दुकान लेकर दुकान करते थे ऐसे में लंबे समय दुकान बंद रहने से उनका जहां रोटेशन गड़बड़ा गया है वहीं अब कई दुकानदार ऐसे हैं कि दुकान खाली करने की स्थिति में आ गए हैं।

                     
गौरतलब है कि लाकडाउन के कारण समाज का हर वर्ग प्रभावित हुआ है वही सबसे ज्यादा प्रभाव छोटे व्यवसाय करने वालों में है जो कि किराये में दुकान लेकर दुकान करते है लंबे समय से दुकान बंद रहने के कारण उनके सामने ऐसी स्थिति आ गई है कि किराया नहीं दे पा रहे हैं वहीं दुकान मालिक के लगातार दबाव के चलते दुकान खाली करने की स्थिति में आ गए हैं। करोना के इस संक्रमण काल में दुकान मालिकों के द्वारा भी कोई मानवता नहीं दिखाई जा रही है जिसका खामियाजा छोटे दुकानदारों को उठाना पड़ रहे जो दुकान किराया में लेकर चला रहे हैं यदि वह दुकान खाली कर देते हैं तो उनके सामने भूखों मरने की नौबत आ सकती है।

सैलून एवं होटल सबसे ज्यादा- नगर में अधिकांश सैलून किराए की दुकान में संचालित है वहीं कई होटल भी किराया के दुकान में ही संचालित हैं ऐसे में सैलून एवं होटल व्यवसायियों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो रही है क्योंकि अभी तक सैलून एवं होटल के खोलने के आदेश शासन के द्वारा नहीं दिए गए हैं।

दुकान मालिकों द्वारा नहीं दिखाई जा रही मानवता- एक ओर कोरेना संक्रमण के कारण हुए लॉकडाउन के कारण समाज के सभी वर्गों के द्वारा एक दूसरे की मदद के लिए मानवता का परिचय दिया जा रहा है वहीं कुछ दुकान मालिक ऐसे हैं कि इस विपरीत परिस्थिति में भी वे किराए में लिए दुकानदारों का दर्द नहीं समझ पा रहे हैं यदि दुकान मालिक चाहे तो दुकानदारों को दो-तीन माह आगे पीछे करके भी किराया वसूल सकते हैं परंतु उनके द्वारा जबरदस्ती किराया वसूलने के लिए दुकानदारों पर दबाव बनाया जा रहा है।

दुकान खाली करने को मजबूर- लाकडाउन के कारण दुकान किराया में लिए कई दुकानदारों के द्वारा समय पर किराया नहीं दिया जा रहा है जिस कारण लगातार दुकान मालिकों के द्वारा दबाव किराया वसूलने के लिए बनाए जा रहे जिससे परेशान होकर कई दुकानदार अब दुकान धीरे-धीरे खाली करने लगे हैं। यदि दुकान मालिक चाहे तो दो-तीन माह का किराया आगे पीछे करके भी ले सकते हैं ऐसे में दुकानदारों को बड़ी राहत मिलेगी।

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