सामरी थाने का मामला, क्वारंटाइन सेंटर से ड्यूटी से लौटा था थाने


अंबिकापुर. क्वारेंटाइन सेंटर में ड्यूटी कर रहा सामरी थाने के आरक्षक ने बुधवार की सुबह थाने की छत पर अपने इंसास रायफल से खुद को गोली मार ली। कुसमी अस्पताल मेंं प्राथमिक उपचार पश्चात उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे अंबिकापुर रेफर कर दिया। यहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। सरगुजा जिले के दरिमा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम देवीटिकरा निवासी महेश सिंह 29 वर्ष बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के सामरी थाने में पदस्थ आरक्षक था। उसकी ड्यूटी इन दिनों सामरी थाने से लगे क्वारेंटाइन सेंटर में लगाई गई थी। बुधवार की सुबह वह ड्यूटी से करीब 10 बजे खाना खाने थाना लौटा और छत पर बने अपने बैरक में गया। यहां मोबाइल पर बात करते समय करीब 10.45 बजे इंसास रायफल से जबड़े में गोली मार ली। आवाज सुनकर थाना प्रभारी राजेश खलखो सहित अन्य पुलिसकर्मी बैरक में पहुंचे और लहूलुहान हालत में उसे कुसमी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां एसडीओपी मनोज तिर्की भी पहुंचे। इधर डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर के लिए रेफर कर दिया है। आरक्षक ने ये कदम क्यों उठाया, इसका पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
2 दिन की छुट्टी के बाद लौटा था ड्यूटी पर
बताया जा रहा है कि आरक्षक 18 और 19 मई को दो दिन की छुट्टी लेकर अपने घर दरिमा गया था। 20 मई को उसने ड्यूटी ज्वाइन कर ली थी। इसके बाद आज उसने ये कदम उठा लिया। आरक्षक ने 2014 में आरक्षक की ड्यूटी ज्वाइन की थी। खुद को गोली मारने के पीछे की वजह मानसिक तनाव हो सकता है।

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