लखनपुर (दिनेश बारी)- क्षेत्र में रोपाई का कार्य समाप्त हो चुका है अब फसल में यूरिया डालने का समय है लेकिन क्षेत्र में यूरिया ना मिलने के कारण किसानों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है किसानों का कहना है कि यूरिया ना तो दुकानदारों के पास मिल पा रहा है और ना ही सोसाइटी में, ऐसे में फसल नुकसान होने का खतरा मंडरा रहा है किसानों ने बताया कि लखनपुर विकासखंड अंतर्गत लहपटरा सोसाइटी में कुछ दिन पूर्व एक गाड़ी यूरिया आया था जो दो-तीन दिन में ही खत्म हो गया वही यूरिया ना मिलने से कई किसान बैरंग वापस लौट रहे हैं उनका कहना है कि अगर यूरिया नहीं मिला तो फसल नहीं हो पाएगी ऐसे में हम सोसाइटी से कृषि कार्य हेतु जो कर्ज लिया है उसे चुका पाने में असमर्थ होंगे।

वही उदयपुर विकासखंड अंतर्गत बाजार सलका सोसाइटी क्षेत्र के लोगों का कहना है कि अभी तक सलका सोसाइटी में यूरिया नहीं आया है और अभी खेतों में यूरिया डालने का समय है ऐसे में अगर खाद नहीं मिलता है तो हमें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है किसानों ने बताया कि आसपास के दुकान रिखी,सलका,खम्हरिया भदवाही बरपारा महंगई लटोरी,जमगला,आदि किसी भी दुकान में यूरिया नहीं मिल रहा है और मिल भी रहा है तो दुगने दामों पर एक बोरी यूरिया की कीमत 500-550 है जबकि लॉकडाउन से पूर्व यह 300-350 में मिलता था क्षेत्र के किसानों ने जिला प्रशासन से सोसाइटी व दुकान में यूरिया उपलब्ध कराने की मांग की है।

इस संबंध में सलका सोसाइटी केस शाखा प्रबंधक जनक दास ने बताया कि यूरिया ना मिलने से सभी किसान बैरंग वापस लौट रहे हैं गाड़ी लोड हो चुकी है संभवत एक-दो दिन में यूरिया उपलब्ध हो पाएगा।

वही यह अमेरा (लाहपटरा) सोसाइटी के शाखा प्रबंधक संजय राजवाड़े ने बताया कि एक गाड़ी यूरिया आया था जोकि खत्म हो गया है और लगभग 2200किसानों ने पंजीयन कराया था जिनमें से लगभग 2000 किसानों ने खाद उठा लिया है जबकि लगभग 200 किसान अभी बाकी हैं, यूरिया कब तक आएगा यह बता पाना मुश्किल है। चांदो समिति में अतिशीघ्र यूरिया रासायनिक खाद भेजा जाए ताकि समय पर किसान यूरिया खाद खेतों में छिड़काव कर सकें।

आदिम जाति सहकारी समिति चांदो में पिछले 1 माह से यूरिया खाद नहीं होने से किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है मजबूरी वश क्षेत्र के किसानों द्वारा ऊंचे कीमत अति शीघ्र यूरिया खुले बाजार से यूरिया लेने को मजबूर हैं क्षेत्र के किसानों द्वारा मांग किया गया है।

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