रामानुजगंज(विकाश कुमार केशरी)- रामानुजगंज से नेशनल हाईवे 343 से होकर अंबिकापुर जाना दिन प्रतिदिन मुश्किल होते जा रहा है अब ऐसी स्थिति निर्मित हो गई है कि रामानुजगंजवासियो को अंबिकापुर जाने के लिए 110 किलोमीटर की जगह 160 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है मजबूरी में अब रामानुजगंज वासी वाड्रफनगर होकर अंबिकापुर आनाजाना कर रहे है। इस प्रकार अतिरिक्त 50 किलोमीटर का सफर तय करना मजबूरी हो गई है।

नेशनल हाईवे 343 की स्थिति बलरामपुर एवं राजपुर के बीच अत्यंत जर्जर थी वही बलरामपुर से रामानुजगंज तक रोड की स्थिति ठीक ठाक थी परंतु अब बलरामपुर से रामानुजगंज तक रोड की भी स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है पहले जहां लोग जर्जर रोड पार करते हुए बलरामपुर तक पहुंचते थे तो वह राहत महसूस करते थे कि अब रामानुजगंज तक अच्छा रोड मिलेगा परंतु अब तो बलरामपुर से राजपुर तक जैसे ही बलरामपुर रामानुजगंज के बीच के रोड की स्थिति हो गई है। इस रोड में लोग अब सफर करने से डरने लगे हैं। नेशनल हाईवे 343 की स्थिति अत्यंत जर्जर होने के बाद भी नेशनल हाईवे के अधिकारी इसे देखने तक की जहमत नहीं उठा पाते हैं यदि नेशनल हाईवे के अधिकारी चाहे तो कम से कम गड्ढा तो भरवा ही सकते हैं।

मुख्यमंत्री की भी नहीं सुने नेशनल हाईवे के अधिकारी- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जब पहली बार बलरामपुर रामानुजगंज जिले में ग्राम तातापानी में पहुंचे थे तो लोगों ने नेशनल हाईवे 343 के जर्जर स्थिति के बारे में अवगत कराया तो उन्होंने नेशनल हाईवे के अधिकारियों से कहा था कि एक माह के अंदर जितने भी गड्ढे हैं उन्हें भरे परंतु नेशनल हाईवे के अधिकारियों के कान में जूं तक नहीं रेंगी आज भी स्थिति जस की तस है।

दो-दो फिट तक हो गए हैं गड्ढे- नेशनल हाईवे 343 में बलरामपुर एवं रामानुजगंज के बीच कई ऐसे जगह है जहां पर सड़क पर दो-दो फीट के गड्ढे हो गए हैं अनजान व्यक्ति जब इस सड़क से जाता है तो उनके लिए बहुत ही मुश्किल खड़ी होती है ऐसा कोई दिन नहीं जिस दिन इन गड्ढों के कारण कोई न कोई दुर्घटना न घटती हो।

सड़क के कारण इलाज के लिए लोग गढ़वा डाल्टनगंज रांची का रुख कर रहे हैं-* नेशनल हाईवे 343 की ऐसी जर्जर स्थिति हो गई है कि जब रामानुजगंज वासियों को अंबिकापुर जाना होता है तो वह तो पहले जाने से परहेज करते हैं परंतु जब जाना बहुत जरूरी होता है तो वह बहुत चिंतित हो जाते हैं कि कैसे जाएंगे कैसे आएंगे वही अब इलाज के लिए पहले जहां अंबिकापुर बिलासपुर रायपुर जाते थे अब क्षेत्र के लोग गढ़वा डालटेनगंज रांची का रुख कर रहे हैं।

सड़क बनवाना तो दूर गड्ढे तो भरवाए विभाग- नेशनल हाईवे 343 की किस्मत जब संवरे की तब परंतु जो नेशनल हाईवे में जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए है कम से कम विभाग उन्हें तो भरवा ही सकता है प्रत्येक वर्ष सड़क के मरम्मत के नाम पर राशि आती है परंतु इसके बंदरबांट से यदि अधिकारियों को फुर्सत मिल गई है तो गड्ढे भी भरवा देनी चाहिए।

देखने की फुर्सत नहीं नेशनल हाईवे के अधिकारियों को- ऐसा कोई दिन नहीं जिस दिन सड़क में जो बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं उसे दुर्घटनाएं नहीं घट रही हो वहीं यदि सिर्फ इन गड्ढों को भर दिया जाता तो शायद दुर्घटनाओं की अनुपात कम हो जाते। परंतु नेशनल हाईवे के अधिकारियों को इन गड्ढों को भरवाना तो दूर देखने तक की फुर्सत नहीं है।

गड्ढों को भरवाने के लिए कहीं नेशनल हाईवे के अधिकारी जनता के सड़क पर आने का तो इंतजार नहीं कर रहे हैं- नेशनल हाईवे 343 में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं अधिकारी चाहे तो इसे भरवा सकते हैं परंतु क्या अधिकारी किसी बहुत बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहे हैं जिसके बाद जनता सड़क पर आएगी एवं गड्ढों को भरने की मांग करने लगी तब ही वह गड्ढे भरेंगे क्या?

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