बलरामपुर महिला मोर्चा के जिलाध्यक्ष ने कलेक्टर के माध्यम से राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन जानिए क्या है मामला बलरामपुर जिले में महिला मोर्चा के जिला अध्यक्ष शकुंतला पोर्ते नेतृत्व में आज जिला महिला मोर्चा के द्वारा महासमुद्र में भ्रष्टाचार उजागर करने वाले अधिकारी की सुरक्षा और मामले की जांच पर बलरामपुर कलेक्टर के माध्यम से छत्तीसगढ़ प्रदेश के राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा है। भाजपा महिला मोर्चा के अध्यक्ष ने बताया कि महासमुंद में घटित महिला बालविकास में भ्रष्टाचार को लेकर भाजपा महिला मोर्चा ने ज्ञापन के माध्यम से राज्यपाल महोदया को अवगत कराया है कि किस तरह से छत्तीसगढ़ सरकार में मिलीभगत से बेटियों के उपहार में डाका डाला जा रहा है। जिसे बचाने प्रदेश के मुखिया ने मामले को उजागर करने वाले अधिकारी को ही गिरफ्तार करवा दी ।महासमुंद जिले के महिला बाल विकास अधिकारी सुरेश बोदले ने भ्रष्टाचार से तंग आकर न्याय के लिए धरने पर बैठे थे। वहीं पर्याप्त साक्ष्य के बावजूद दोषी को बचाने उक्त अधिकारी को ही गिरफ्तार कर लिया गया।समूहों तथा छोटे कर्मचारियों पर ठीकरा फोड़ कर मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना एवं मई माह के रेडी टू इट फ़ूड वितरण में 30 लाख की गड़बड़ी का मामला उजागर हुआ है। 2 मामले में ही एक जिले में 30 लाख की भ्रष्टाचार सामने आया है तो ढाई वर्ष में पूरे जिले में सैकड़ों करोड़ों के घोटाले की आशंका से इंकार नही किया जा सकता। भ्रष्टाचार की शिकायत पर ध्यान देने के बजाय, उजागर करने वाले अधिकारी का उत्पीड़न कर उसे प्रताड़ित किया जा रहा है। महिला मोर्चा राज्यपाल से उनकी सुरक्षा व्यवस्था की मांग कर रही है। साथ ही खरीदी,आबंटन प्रक्रिया की उच्च स्तरीय न्यायिक जाँच,लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से सीधे भुकतान, महासमुन्द भ्रष्टाचार मामले के सभी पत्राचार, सम्बंधित दस्तावेजों को सार्वजनिक करने की मांग कर रही है। इतना ही नहीं महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष ने इस पूरे मामले में छत्तीसगढ़ सरकार पर अपने किसी मंत्री के बचाने का आरोप लगाया है।इस दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल कृष्ण मिश्रा सांसद प्रतिनिधि ओमप्रकाश सोनी महिला मोर्चा महामंत्री सुषमा मिन्ज पुर्व नगर पंचायत अध्यक्ष एवं महिला मोर्चा कार्यसमिति सदस्य राधिका एक्का उपस्थित रही।

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