राजेन्द्र ठाकुर/ बलरामपुर 

बलरामपुर जिले में भोले-भाले ग्रामीणों की जमीन हड़पने वाले भू-माफियाओं के विरुद्ध पुलिस का अभियान लगातार जारी है। विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय के एक ग्रामीण से धोखाधड़ी कर उसकी जमीन फर्जीवाड़े से रजिस्ट्री कराने वाले तीन और आरोपियों को बलरामपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। इससे पूर्व भी इसी मामले में तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार संतलाल, निवासी ग्राम भेस्की, थाना राजपुर द्वारा चौकी बरियों में प्रस्तुत एक लिखित आवेदन से हुई। संतलाल, जो पहाड़ी कोरवा विशेष पिछड़ी जनजाति से संबंध रखते हैं, ने आरोप लगाया कि उनकी 2.468 हेक्टेयर संयुक्त खातेदारी भूमि को सुनियोजित षड्यंत्र के तहत फर्जी तरीके से आरोपीगणों द्वारा रजिस्ट्री करा लिया गया।
जांच में यह सामने आया कि आरोपी शिवाराम नगेशिया के नाम पर रजिस्ट्री कराई गई, जिसमें बिना सभी खातेदारों की सहमति और बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के विशेष जनजातीय भूमि की बिक्री की गई। आरोपीगणों ने हल्का पटवारी और उप-पंजीयक की मिलीभगत से फर्जी दस्तावेज तैयार कर रजिस्ट्री संपन्न कराई।
जांच में पता चला कि भूमि के एवज में आरोपी विनोद अग्रवाल उर्फ मधु और प्रवीण अग्रवाल ने 14 लाख रुपए का चेक शिवाराम के नाम पर दिया था, जो दरअसल प्रियंका ट्रेडर्स के माध्यम से आरटीजीएस के रूप में भेजा गया था। इस लेनदेन की कड़ी में अमित गुप्ता, महेन्द्र अग्रवाल और रजाउल हसन की संलिप्तता प्रमाणित हुई, जिन्हें विधिवत गिरफ्तार किया गया।
मामले में प्रमुख आरोपी विनोद उर्फ मधु अग्रवाल और प्रवीण अग्रवाल सहित अन्य आरोपी अब भी फरार हैं, जिनकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
बलरामपुर पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस संगठित भूमि घोटाले में शामिल दोषियों को पकड़ने में सफलता प्राप्त की है।

इन आरोपियों को किया गया गिरफ्तार
1. अमित कुमार गुप्ता पिता विजय प्रसाद गुप्ता, उम्र 34 वर्ष, निवासी पिण्ड्रा, थाना बलरामपुर।
2. महेन्द्र अग्रवाल पिता जोगी अग्रवाल, उम्र 52 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 07, थाना राजपुर।
3. रजाउल हसन पिता स्व. नबी रसुल, उम्र 38 वर्ष, निवासी उदारी, थाना लुण्ड्रा, जिला सरगुजा

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