परशुराम जयंती पर हुआ विविध कार्यक्रमों का आयोजन

मनेंद्रगढ़ (एमसीबी) । सर्व ब्राह्मण समाज के द्वारा भगवान परशुराम की जयंती धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ मनाई गई ।भगवान परशुराम जयंती पर शनिवार को एमसीबी जिले के सर्व ब्राह्मण समाज के द्वारा एमसीबी जिला मुख्यालय मनेंद्रगढ़ में भगवान परशुराम जी की भव्य शोभायात्रा निकाली गई जिसमें काफी संख्या में विप्र जन उपस्थित रहे । भगवान परशुराम जी की भव्य शोभायात्रा श्री राम मंदिर प्रांगण से निकाली गई जो पूरे शहर का भ्रमण करते हुए मौहारपारा स्थित बीएड कॉलेज प्रांगण में पहुंचकर संपन्न हुई । भगवान परशुराम जयंती पर बीएड कॉलेज प्रांगण में सर्व ब्राह्मण समाज के द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया तथा विधि विधान से भगवान परशुराम की पूजा आराधना की गई । परशुरामजी की जयंती वैशाख मास में शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाई जाती है। इस पावन दिन को अक्षय तृतीया कहा जाता है। वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया पर भगवान विष्णु के अवतार परशुराम का जन्म हुआ था। भगवान परशुराम भार्गव वंश में जन्मे भगवान विष्णु के छठे अवतार हैं, उनका जन्म त्रेतायुग में हुआ था। माना जाता है कि इस दिन किया गया दान-पुण्य कभी क्षय नहीं होता। अक्षय तृतीया के दिन जन्म लेने के कारण ही भगवान परशुराम की शक्ति भी अक्षय थी। इतना ही नहीं इनकी गिनती तो महर्षि वेदव्यास, अश्वत्थामा, राजा बलि, हनुमान, विभीषण, कृपाचार्य, ऋषि मार्कंडेय सहित उन आठ अमर किरदारों में होती है जिन्हें कालांतर तक अमर माना जाता है। उनके पिता का नाम जमदग्नि और माता का नाम रेणुका था।
पौराणिक ग्रंथों में वर्णित है कि भगवान परशुराम अत्यंत क्रोधी स्वभाव के थे। इनके क्रोध से देवी-देवता भी थर-थर कांपते थे। धार्मिक मान्यता के अनुसार, एक बार परशुराम ने क्रोध में आकर भगवान गणेश का दांत तोड़ दिया था। वहीं पिता के कहने पर उन्होंने अपनी मां को भी मार दिया था। इस दिन भगवान विष्णु के परशुराम अवतार की पूजा करने से शौर्य, कांति एवं ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है और शत्रुओं का नाश होता है।

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