वेद प्रकाश मिश्र

बिश्रामपुर। एसईसीएल बिश्रामपुर में तीन माह में कुछ दिनों में ही तीसरी बार विजलेंस टीम जांच में पहुंची है।इस बार मामला बलरामपुर खदान के रोड सेल में अनियमितता से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। विदित हो कि गुरुवार की दोपहर विजलेंस की दो सदस्यीय टीम सबसे पहले बलरामपुर खदान पहुंची। पूरे दिन जांच चलने के बाद शुक्रवार को दूसरे दिन भी टीम खदान पहुंचकर यहां रोड सेल से जुड़े कर्मचारियों व अधिकारियों से जरूरी पूछताछ कर टीम सीधे महाप्रबंधक कार्यालय पहुंच गई। यहां जीएम ऑपरेशन के दफ्तर में रोड शेल से जुड़े दस्तावेजों को मंगवाकर उसका जांच परीक्षण किया गया है। बताया जा रहा है कि चालू वितीय वर्ष में अप्रैल से अब तक खदान से उत्पादित कोयला सहित डिस्पैच किए गए कोयला के कागजातों की जांच विजलेंस टीम के सदस्य कर रहे हैं। विजलेंस टीम किस शिकायत व क्या जांच कर रही है के संबंध में पूछताछ करने पर क्षेत्रीय अधिकारियों ने कुछ भी बता पाने में असमर्थता जाहिर कर कहा कि उन्हें कुछ नहीं पता है। दूसरी तरफ बताया जा रहा है कि विजलेंस टीम के अचानक दबिश से अधिकारियों-कर्मचारियों के हाथ पांव फूल गए हैं। विजलेंस टीम की आने की खबर पाते ही कुमदा के सब एरिया मैनेजर अचानक अवकाश पर चले गए हैं। आज खदान में पहुंची टीम ने कांटा बाबू को तलब कर घण्टो पूछताछ किया है। बता दें कि क्षेत्र के रेहर खदान में भी तीन माह पूर्व ही कोल स्टॉक में गड़बड़ी की शिकायत पर कंपनी मुख्यालय से पहुंची विजलेंस टीम ने छापामार कार्रवाई कर यहां तीन हजार टन से अधिक करीब दो करोड़ मूल्य का कोयला शार्ट पाया था। जिसके बाद संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर उनका तबादला दूसरे क्षेत्रों में कर दिया गया था, जिसकी जांच अब तक चल रही है। इसी बीच अब तीन माह बाद क्षेत्र में पुनः विजलेंस की टीम यहां पहुंच जांच शुरू कर दी है। विजलेंस की जांच में क्या कुछ सामने आया है इसका पता नहीं चल सका है लेकिन सूत्रों ने बताया कि रोड शेल कोयले में संबंधितों ने गड़बड़ी कर पार्टियों को लाभ पहुंचाया है। जिसमे आरोएम कोयले की जगह पार्टियों द्वारा खदान परिसर में विधिवत पार्टियों को कोयले की छटाई कर लोडिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के अलावे अन्य प्रकार से कंपनी को नुकसान पहुंचाकर अवैध वसूली की बात सामने आ रही है। फिलहाल विजलेंस टीम की कार्रवाई पूरी तरह गोपनीय बताई जा रही है।

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