200 से अधिक सीसीटीवी खंगालते आरोपितों तक पहुंची पुलिस
ज्वेलरी दुकान को आरोपितों ने बनाया था निशाना, भेजे गए जेल


अंबिकापुर। आभूषण खरीदने के नाम पर दुकान में पहुंच उठाईगिरी करने वाली महिलाओं के अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफास करने में सरगुजा पुलिस की विशेष टीम को सफलता मिली है। पुलिस ने तीन महिलाओं सहित चार आरोपितों को नागपुर महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया है। इनसे चोरी किए गए डेढ़ लाख रुपये के जेवरात की शत-प्रतिशत बरामदगी पुलिस कर ली है। आरोपितों ने शहर के गांधीनगर थाना क्षेत्र में स्थित सोनी ज्वेलर्स में सोने के जेवरात की उठाईगिरी की घटना को अंजाम दिया था। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट कार को भी बरामद किया है। आरोपितों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने 200 से अधिक सीसीटीवी के फुटेज की तस्दीक की थी और अहम सुराग जुटाए थे।
घटना दिनांक 19 अक्टूबर को तीन अज्ञात महिलाएं सोनी ज्वेलर्स गांधीनगर में पहुंची। इनके द्वारा सोने का जेवरात दिखाने के लिए कहा गया। सर्राफा व्यापारी इन्हें मांग के अनुरूप जेवरात दिखाया, इसी बीच इनका ध्यान भटकाकर स्वर्ण आभूषण लॉकेट, कान का टप्स और मंगलसूत्र की इन्होंने चोरी कर ली। महिलाओं का पहनावा, ओढ़ावा देखकर ऐसा प्रतीत नहीं हो रहा था कि वे चोरी की वारदात को अंजाम देंगी। इनके जाने के बाद जब दुकान संचालक ने दिखाए गए स्वर्ण आभूषणों का मिलान किया तो पता चला कि डेढ़ लाख रुपये के जेवरात गायब हैं। इसकी जानकारी पुलिस को दी गई थी। त्योहारी सीजन के शुरूआत में बड़ी वारदात को पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज अजय कुमार पटेल व पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने गंभीरता से लिया और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक शुक्ला को त्वरित नाकाबंदी कर सीसीटीवी का अवलोकन करने पुलिस टीम को एलर्ट करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने नगर पुलिस अधीक्षक स्मृतिक राजनैला व पुलिस अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण अखिलेश कौशिक के नेतृत्व में थाना प्रभारी गांधीनगर निरीक्षक कलीम खान एवं गठित विशेष टीम को आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए निर्देशित किया था। संपूर्ण कार्रवाई की मॉनीटरिंग स्वयं वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कर रहे थे, जिनके प्रयास से पुलिस टीम अंतत: आरोपितों के मांद तक पहुंचने में सफल हुई। संपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी गांधीनगर निरीक्षक कलीम खान, उपनिरीक्षक विजय दुबे, प्रमोद दुबे, सहायक उपनिरीक्षक विनय सिंह, भूपेश सिंह, विवेक पांडेय, प्रधान आरक्षक सुधीर सिंह, आरक्षक सत्येंद्र दुबे, बृजेश राय, अमित, प्रविन्द्र सिंह, संगीता बड़ा, अमृत सिंह, सुयश पैकरा की उल्लेखनीय भूमिका रही।
सीसीटीवी से मिला आरोपितों का अहम सुराग
जांच, विवेचना के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज चेक किए। 200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की तस्दीक करने पर पुलिस को आरोपितों के संदर्भ में अहम सुराग प्राप्त हुआ। घटनाकारित करने वाले गिरोह के दीगर राज्य महाराष्ट्र नागपुर के होने की पुष्टि व इनके बारे में अहम सुराग प्राप्त होने पर पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने एक विशेष टीम आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए नागपुर महाराष्ट्र भेजा था। पुलिस टीम के सतत प्रयास एवं घटनास्थल पर मिले साक्ष्यों के आधार पर सायबर सेल से तकनीकि जानकारी प्राप्त कर पुलिस ने चारों आरोपितों को गिरफ्तार किया। आरोपितों से जेवरात व घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट कार बरामद करने के बाद पुलिस टीम इन्हें लेकर अंबिकापुर पहुंची।
पहली बार आरोपित पहुंचे सरगुजा
आरोपितों ने पुलिस को पहली बार सरगुजा जिले में आने की जानकारी दी है। सरगुजा पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने बताया कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में इसी तर्ज पर वारदातें हुई हैं, इसे देखते हुए प्रदेश के अन्य जिलों की पुलिस को भी गिरफ्तार आरोपितों के बारे में जानकारी दी गई है, ताकि वे अपने क्षेत्र में हुए घटनाक्रमों में शामिल आरोपितों की पुष्टि कर सकें।
इन्हें भेजा गया जेल
पुलिस ने नागपुर महाराष्ट्र से आरोपित संगीता राजेश रायपुरे, सुजाता प्रमोद बोरकर, रंजना सुरेश ढुके, एवं घटना में शामिल विशाल चौधरी सभी निवासी नागपुर महाराष्ट्र को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा है।

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