मुसरा पंचायत के ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर वन अधिकार पत्र दिलाए जाने की लगाई गुहार

मनेंद्रगढ़ (शुद्धूलाल वर्मा) ! तहसील मनेंद्रगढ़ के अंतर्गत ग्राम पंचायत मुसरा के ग्रामीणों ने पंचायत पर फर्जी ग्राम सभा का आयोजन कर उनके वन अधिकार पत्र के आवेदन को निरस्त करने का आरोप लगाया है ! मुसरा पंचायत के ग्रामीणों ने सोमवार को एसडीएम मनेंद्रगढ़ को ज्ञापन सौंपकर वन अधिकार पत्र के आवेदनों की निष्पक्ष जांच कराकर वन अधिकार पत्र दिलाए जाने की मांग की है ! ग्राम पंचायत मुसरा के काफी संख्या में ग्रामीण तहसील कार्यालय मनेंद्रगढ़ पहुंचे हुए थे ! ग्रामीणों ने जानकारी देते हुए बताया कि वे पुरखों के जमाने से वन भूमि में काबिज होकर घर बाड़ी बनाकर तथा कृषि कार्य कर अपना जीवन यापन करते चले आ रहे हैं ! लेकिन उनके द्वारा काबिज भूमि का उनके पास मालिकाना हक नहीं है ! शासन द्वारा वन भूमि में काबिज ग्रामीणों को वन अधिकार पत्र देने की योजना शुरू की गई थी जिसके तहत मुसरा के ग्रामीण भी पंचायत में वन अधिकार पत्र प्राप्त करने के लिए अपना आवेदन प्रस्तुत किए थे ! लेकिन पंचायत द्वारा 18 जून 2020 को बिना किसी सूचना के फर्जी ग्राम सभा आयोजित कर पंचायत सचिव, बीट गार्ड एवं पटवारी के मिलीभगत से मुसरा पंचायत के 159 ग्रामीणों का आवेदन पत्र निरस्त कर दिया गया ! ग्रामीणों ने बताया कि बार-बार आवेदन के संबंध में पंचायत सचिव से पूछे जाने पर अभी हाल में ही उन्हें आवेदन पत्र निरस्त करने की नोटिस दी गई है जिसको लेकर उनके द्वारा नोटिस जारी होने के 60 दिवस के अंदर एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर निरस्त किए गए सभी आवेदनों के निष्पक्ष जांच की मांग कर वन अधिकार पत्र दिलाए जाने की मांग की गई है ! ग्रामीणों का कहना है कि मुसरा पंचायत में 159 ग्रामीणों के आवेदन पत्र निरस्त किए गए हैं जबकि 47 ग्रामीणों का वन अधिकार पत्र बना तो दिया गया है लेकिन सिर्फ 10 से 15 लोगों को ही वन अधिकार पत्र मिला है! जबकि वे पूर्वजों के जमाने से वन भूमि में काबिज होकर घर बाड़ी बनाकर तथा कृषि कार्य कर अपना जीवन यापन करते चले आ रहे हैं उसके अलावा और कोई भी उनके जीवन यापन का जरिया नहीं है !

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