मेडिकल कॉलेज अस्पताल के लिए मुख्यमंत्री शासकीय अस्पताल रुपांतरण कोष से मिले 3.62 करोड़

अंबिकापुर। राजमाता श्रीमती देवेंद्र कुमार सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, संबद्ध चिकित्सालय से सौ बिस्तर मातृ एवं शिशु अस्पताल को ओवर ब्रिज से जोड़ा जाएगा, जिससे मरीजों को सड़क पार कर स्ट्रेचर, व्हील चेयर में ले जाने के दौरान बनी रहने वाली खतरे की स्थिति से निजात मिलेगी। मुख्यमंत्री शासकीय अस्पताल रुपांतरण कोष से चिकित्सालय में विभिन्न निर्माण, रेनोवेशन एवं रिपेयर कार्य हेतु 362 लाख रुपये की स्वीकृति राज्य नोडल एजेंसी ने दी है। अस्पताल के तत्कालीन संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक ने बीते 10 नवंबर 2022 को अस्पताल के बढ़ते दायरे व मरीजों की सहूलियत को देखते हुए अस्पताल भवन में आमूलचूल परिवर्तन की आवश्यकता महसूस की थी और तत्संबंध में पत्र व्यवहार करके प्रदेश सरकार व स्वास्थ्य संचालनालय का ध्यान दिलाया था।
शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय खुलने के बाद जिला रघुनाथ चिकित्सालय अंबिकापुर में स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ोत्तरी हुई है। जिला अस्पताल के चिकित्सकों के साथ मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक कदम मिलाकर चल रहे हैं। आपात परिस्थितियों में इन चिकित्सकों का लाभ जिले ही नहीं संभाग और पड़ोसी राज्यों से पीडि़तों को लेकर आने वाले लोगों को मिलता है। अस्पताल में आने वाले बीमार को समुचित चिकित्सा सुविधा मिले, अस्पताल रेफरल सेंटर न बने, इस पर ध्यान देने के सख्त निर्देश स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के मंत्री टीएस सिंहदेव ने दिए हैं। भाजपा के शासनकाल में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने पुराने अस्पताल भवन में मरीजों की बढ़ती संख्या व सीमित वार्डों को देखते हुए पृथक से महिला एवं बच्चों के लिए पांच मंजिला अस्पताल भवन का निर्माण कराया था। यह भवन महिलाओं के छोटा पडऩे लगा, इसके बाद पुराने गायनिक वार्ड को वृहद और नया रूप देकर महिलाओं को भर्ती रखने योग्य बनाया गया है। कुछ अन्य वार्डों का भी पुराने नक्कीपुरिया परिसर में बने भवनों का सुधार कार्य करा संचालन किया जा रहा है। वर्तमान में मातृ एवं शिशु चिकित्सा परिसर (एमसीएच) से एक्स-रे, सोनोग्राफी सहित अन्य जांच के लिए मरीजों को स्टे्रेचर या व्हील चेयर में लेकर स्वजन पुराने अस्पताल भवन से आते हैं, इसके लिए सड़क पार करना पड़ता है। चालू सड़क होने के कारण निरंतर वाहनों का आना-जाना लगा रहता है। भीड़ के बीच संघर्ष करते मरीज को लेकर स्वजन मुख्य अस्पताल भवन परिसर तक पहुंचते हैं। कई बार अचानक वाहनों के सामने आ जाने से खतरे की स्थिति बनती है। इन हालातों से निजात मिले, इसके लिए पूर्व कलेक्टर रितु सेन की ओर से पहल की जा रही थी। पुराने अस्पताल भवन व एमसीएच को जोडऩे की वृहद कार्ययोजना उनके स्थानांतरण के बाद ठंडे बस्ते में चली गई। उन्होंने अस्पताल मार्ग को अवरूद्ध कर दोनों अस्पताल भवनों को एक परिसर में करने की योजना बनाई थी। इसे लेकर निर्माण विभाग से संबंधित अधिकारियों के साथ मंथन भी किया गया था। मार्ग डायवर्ट करने की योजना को साकार करने अस्पताल रोड से ही विश्वविद्यालय मार्ग में जाने के लिए रास्ता निकालने की पहल की गई थी। वर्तमान में दोनों अस्पताल भवनों को ओवरब्रिज से जोडऩे की योजना बनाई गई है, जिसे हरी झंडी मिलने व एक करोड़ पांच लाख रुपये की स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य के शुरू होने का इंतजार है।

इन निर्माण कार्यों के लिए मिली स्वीकृति  
0 पुराने अस्पताल भवन से एमसीएच भवन तक ओवर ब्रिज का निर्माण के लिए 105 लाख।
0 स्त्री रोग विशेषज्ञ, प्रसूति के साथ संलग्न बाल चिकित्सा ओपीडी में रोगी प्रतीक्षा क्षेत्र (शेड) निर्माण के लिए 15 लाख।
0 पुराने अस्पताल भवन में शौचालयों की मरम्मत और नवीनीकरण कार्य के लिए 25 लाख।
0 पुराने अस्पताल भवन में वार्डों की मरम्मत व जीर्णोद्धार का कार्य, 30 लाख।
0 स्त्री रोग विशेषज्ञ ओटी के मरम्मत एवं नवीनीकरण कार्य के लिए 25 लाख।
0 ऑप्थेल्मिक ओटी की मरम्मत और नवीनीकरण कार्य, 25 लाख।
0 पुराने अस्पताल भवन में वॉटर प्रूफिंग (शेड) निर्माण के लिए 30 लाख।
0 एडमिन ब्लॉक के प्रथम तल पर स्टोर का निर्माण, 10 लाख।
0 एमसीएच बिल्डिंग के बाहर प्रतीक्षालय शेड निर्माण, 15 लाख।
0 पुराने अस्पताल भवन के पीछे बाउंड्रीवॉल का निर्माण, 12 लाख।
0 जीएमसीएच के पुराने भवन के सामने पार्किंग एरिया शेड का निर्माण, 10 लाख।
0 कैज्युलिटी, आइसीयू बिल्डिंग, ओटी कांप्लेक्स को जोडऩे के लिए कवर्ड पक्के क्षेत्र का निर्माण, 10 लाख।
0 पुराने अस्पताल भवन के अग्रभाग की मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्य, 50 लाख।


18 माह के भीतर करना होगा कार्य पूर्ण
पांच दिसंबर 2022 को जारी स्वीकृति पत्रक में मुख्यमंत्री शासकीय अस्पताल रूपांतरण कोष के संलग्न दिशा-निर्देशानुसार उल्लेखित कार्यों, गतिविधियों पर कार्रवाई शीघ्र प्रारंभ करने उप संचालक राज्य नोडल एजेंसी ने प्रबंध संचालक सीजीएमएससी को निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री शासकीय अस्पताल रूपांतरण कोष के दिशा-निर्देशानुसार कार्य प्रारंभ करने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई दो माह के भीतर की जानी है एवं 18 माह के भीतर कार्य पूर्ण करना है। कार्य पूर्ण होने के पश्चात निर्धारित प्रारूप में उपयोगिता एवं कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र देना है।
राशि हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू
अस्पताल में विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए प्रदाय की जाने वाली राशि का मासिक भौतिक एवं वित्तीय प्रगति प्रतिवेदन प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। राशि के व्यय पश्चात निर्धारित प्रारूप में उपयोगिता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा, ताकि आगामी किस्त की राशि जारी करने संबंधी कार्रवाई की जा सके। मुख्यमंत्री शासकीय अस्पताल रूपांतरण कोष के दिशा-निर्देश अनुसार सीजीएमएससी को राशि हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

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