मामला एसएनसीयू में चार नवजातों की मौत का, पूर्व में दो चिकित्सकों का हुआ था निलंबन, बदले गए थे अधीक्षक  

अंबिकापुर। राजमाता श्रीमती देवेंद्र कुमारी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध अस्पताल के मातृ शिशु अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में बीते दिनों चार नवजातों की मौत के बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से कार्रवाई का सिलसिला नहीं थमा है। शिशु रोग विभाग की विभागाध्यक्ष को बताओ नोटिस का संतोषप्रद जवाब नहीं देने पर एक वेतन वृद्धि रोकने के उच्चस्तरीय आदेश दिए गए हैं।
मामले में बीते 13 दिसंबर को की गई बड़ी कार्रवाई में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ.कमलेश विश्वकर्मा और स्त्री रोग विशेषज्ञ मंजू एक्का का निलंबन किया गया था, वहीं अस्पताल के संयुक्त संचालक सह अधीक्षक को पदमुक्त करते हुए इसका दायित्व डॉ.आर्या को दिया गया। शासन स्तर पर हुई इस कार्रवाई के बाद डीएमई के निर्देश पर मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर के डीन ने कार्रवाई करते हुए शिशु रोग विभाग के प्रभार में बदलाव किया और डॉ.सुमन सुधा तिर्की को शिशु रोग विभाग के विभागाध्यक्ष के प्रभार से मुक्त कर डॉ.केआर टेकाम को शिशु रोग विभाग का प्रभारी बनाया गया था। पुनश्च सिम्स बिलासपुर के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ.समीर जैन को अंबिकापुर के मातृ शिशु अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में शिशु रोग विभाग के विभागाध्यक्ष का प्रभार दिया गया है। बता दें घटना के बाद शिशु रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ.सुमन तिर्की को पदीय दायित्व से मुक्त कर नोटिस देकर जवाब मांगा गया था। संतोषप्रद जवाब नहीं मिलने पर डॉ.सुमन तिर्की की एक वेतन वृद्धि रोकने के आदेश चिकित्सा शिक्षा विभाग के अवर सचिव जनक कुमार ने दिए हैं।

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