मनेंद्रगढ़- कोरिया जिले के मनेंद्रगढ़ स्थित जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र कार्यालय में नियम कायदों को ताक पर रखकर जमीन आवंटित करने का मामला प्रकाश में आया है। बताया जा रहा है कि जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र के द्वारा गलत तरीके से नियम कायदों को दरकिनार कर जमीन दलाल की मिलीभगत से 18 लोगों को जमीन आवंटित कर दी गई है। जमीन आवंटित करने के मामले में पूर्व जीएम पर अनियमितता का आरोप लग रहा है विभाग द्वारा उच्च स्तरीय जांच कराने की बात कही जा रही है। मामले में मिली जानकारी के अनुसार बैलगाड़ी योजना के तहत सन 1988 में एमपी एग्रो को जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र के द्वारा मनेंद्रगढ़ के चैनपुर में 10 एकड़ जमीन आवंटित की गई थी। लेकिन वर्ष 2004 में एमपी एग्रो बंद हो गई थी जिसके बाद जमीन का लीज व एमपी एग्रो का अनुबंध समाप्त हो गया था। तत्कालीन जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र ने उक्त 10 एकड़ जमीन को नियम कायदों को ताक में रखकर प्रक्रिया का पालन न करते हुए 18 लोगों को आबंटित कर दी गई थी। यह मामला पूर्व में भी उठा था लेकिन बिना किसी जांच कारवाही के मामले को दबा दिया गया था। उक्त मामला एक बार फिर प्रकाश में आया है। बताया जा रहा है कि जमीन आवंटित करने में पूर्व जीएम शैलेंद्र रंगा पर अनियमितता का आरोप लग रहा है। वर्तमान में श्री रंगा रायपुर में उप संचालक के पद पर पदस्थ हैं। जमीन आवंटन का मामला प्रकाश में आने पर विभाग में एक बार फिर हड़कंप मच गया है अब विभाग के द्वारा मामले की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की बात की जा रही है। मामले की जानकारी लेने रायपुर से विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर मनेंद्रगढ़ पहुंच रहे हैं उनके द्वारा ही पूर्ण रूप से जानकारी लेकर मामले की जांच के संबंध में कोई निर्णय लिया जा सकेगा बताया जा रहा है कि जिन 18 लोगों को जमीन आवंटित की गई है उनके फाइलों में अधिकांश दस्तावेज उपलब्ध नहीं है पूर्व जीएम श्री रंगा पर अनियमितता का आरोप लग रहा है, अब आगे यह देखना होगा कि मामले की विधिवत जांच कराई जाएगी या फिर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।

प्रक्रिया का नहीं किया गया पालन : एम. बडा़- जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र के जनरल मैनेजर एम. बड़ा से जमीन आवंटन के मामले में जानकारी ली गई तो वे विस्तार पूर्वक कोई जानकारी देने से बचते रहें, लेकिन उनके द्वारा इतना जरूर कहा गया कि जिन 18 लोगों को जमीन आवंटित की गई है उनकी फाइल देखने से ऐसा प्रतीत होता है कि प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है।

Categorized in: