निजी विद्यालय द्वारा उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना करने का आरोप


अंबिकापुर- जिले के निजी विद्यालयों के मनमानी, उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना करने सहित अन्य मामलों को लेकर सरगुजा अभिभावक संघ ने शुक्रवार को शहर के गांधी चौक पर एक दिवसीय धरना दिया। धरना में काफी सं या में अभिभावक शामिल हुए और धरना प्रर्शन को संबोधित किया। अभिभावक संघ ने धरना स्थल पर ही कलेक्टर के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। अभिभावक संघ के जिलाध्यक्ष निलेश सिंह ने ज्ञापन के माध्यम से बताया है कि जिला अभिभावक संघ द्वारा कलेक्टर के समक्ष ५ जून २०२१ को निजी शालाओं द्वारा उच्च न्यायालय के ओदश की अवहेलना करते हुए निर्धारित शुल्क में नियम विरूद्ध तरीके से वृद्धि कर पालकों से ऐसे मदों की फीस जिसका बच्चे उपयोग नहीं कर रहे हैं। अभिभावकों से जबरन वसूली करने के संबंध में आवेदन दिया गया था। जिस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। वहीं कोरोना काल में बच्चों की वार्षिक परीक्षा न लेकर राज्य शासन के निर्णयानुसार सभी कक्षाओं में छात्र-छात्राओं को कक्षोन्नति प्रदान कर दिया गया है। परंतु कुछ विद्यालय राज्य शासन के आदेशानुसार किए गए कक्षोन्नति के विपरित बच्चों को प्रवेश देने से इस आधार पर इंकार कर रहे हैं। बच्चे उनके विद्यालय में अगली कक्षा में प्रवेश के पात्र नहीं हैं एवं वे किसी दूसरे विद्यालय में प्रवेश लेवें। इस प्रकार वे राज्य शासन के आदेश के ठेंगा दिखा रहे हैं। जो किशोर न्याय अधिनियम के तहत अपराध की श्रेणी के अंतर्गत आता है। कोरोना काल के कारण उच्च न्यायालय द्वारा निजी स्कूल पालकों से केवल ट्यूशन फीस लेने का आदेश दिया गया है। इसके बावजूद भी ऑनलाइन क्लास के नाम पर पूरी फीस वसूल रहे हैं।

पालक पर फीस जमा करने का बनाया जा रहा दबाव
निजी विद्यालय द्वारा ऑनलाइन कराई गई परीक्षा के परिणाम को पालकों को दिखाने के एवज में भयादोहन कर फीस भुगतान का दबारव बना रहे हैं। जो कि नियम के तहत अपराध है। वहीं बगैर पालकों की सहमति एवं फीस निर्धारण समिति का निर्णय कराए बगैर समस्त मदों की फीस में बढोत्तरी करर दी गई है। इसके लिए जिला फीस निर्धारण समिति अथवा शिक्षा विभाग से अनुमोदित भी नहीं कराया गया है।

निजी विद्यालयों के साथ मेल जोल का आरोप
अभिभावक संघ द्वारा निजी विद्यालयों के विरूद्ध की जा रही शिकायतों के बावजूद भी जिला प्रशासन का इस प्रकार उदासीन बने रहतना आम जनमानस के मस्तिष्क में प्रशासन एवं निजी विद्यालयों के आपसी मेल मिलाप होने का संदेह उत्पन्न कर रहा है। अभिभावक संघ ने कलेक्टर से निजी विद्यालयों के खिलाफ सं त कदम उठाते हुए जांच के बाद कार्रवाई करने की मांग की है।

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