अंबिकापुर। सरगुजा जिले के मैनपाट विकासखंड स्थित नर्मदापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में करैत सांप के बच्चे ने 50 वर्षीय ग्रामीण मेघनाथ को काट लिया। मरीज की स्थिति गंभीर देख चिकित्सकों ने उसे ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा। डॉक्टरों की निगरानी में अधेड़ का उपचार डॉ.अनुज, डॉ.संदीप, डॉ.अनीश, डॉ.प्रियंका एएमओ अमित तिवारी ने मिलकर किया। सर्पदंश से पीडि़त 19 जुलाई को पूर्ण स्वस्थ्य हो गया, इसके बाद उसकी छुट्टी कर दी गई।
नर्मदापुर अस्पताल के प्रभारी डॉ.प्रणव ने बताया कि सर्पदंश के बाद आधे घंटे बहुत महत्वपूर्ण होतं हैं। इस दौरान सर्पदंश के शिकार व्यक्ति को एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन लग जाना चाहिए। अक्सर लोग झाड़-फूंक के चक्कर में पड़ जाते हैं, सांप जहरीला नहीं होने की स्थिति में वे ठीक भी हो जाते हैं, लेकिन जहरीला सांप होने की स्थिति में झाड़-फूंक में समय बिताना भारी पड़ता है। इसके बाद अस्पताल लाने पर उपचार का लाभ तो पीडि़त को दिया जाता है लेकिन इंजेक्शन का लाभ पीडि़त को कितना मिल पाएगा, इसे लेकर विष्मय की स्थिति बनी रहती है। उन्होंने कहा कि सांप काटने के बाद पीडि़त को सीधा अस्पताल लाने से जान बच सकती है।

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