रामानुजगंज(विकाश कुमार केशरी)- नगर पंचायत अंतर्गत शहर के कई वार्डों में झारखंड और उत्तर प्रदेश राज्य से आकर लोग सरेआम शासकीय जमीन को कब्जा कर रहे हैं यही नहीं कब्जा करने के बाद उसे स्टांप में एग्रीमेंट के तहत बिक्री भी कर दिया जा रहा हैं। इस ओर प्रशासन की चुप्पी साधने से अतिक्रमणकारियों में मनोबल इतना चरम सीमा पर है जहां सरेआम सरकारी जमीन को देखकर कब्जा करते हुए मकान निर्माण एवं घेराव कर दिया जा रहा है।                       
                                    अतिक्रमणकारियों का मनोबल बढ़ने से जहां सरकारी जमीन को कब्जा किया जा रहा है वही पुलिस प्रशासन भी सकते में है की इनके आने से क्षेत्र में अपराध की की बढ़ोतरी होगी,  जिसके कारण क्षेत्रवासी परेशान हो जाएंगे। गौरतलब है कि नगर पंचायत अंतर्गत वार्ड क्रमांक 1, 2 ,3, 4 ,5 ,6, 13 दूसरे प्रदेशों के कई   लोग आकर सरेआम सरकारी जमीन को कब्जा कर रहे है जहां प्रतिदिन अवैध निर्माण हो रहा है। इसे बचाने हेतु स्थानीय प्रशासन निष्क्रिय साबित हो रही है और साथ में जनप्रतिनिधि भी आवाज नहीं उठा पा रहे हैं ऐसी स्थिति में अपराध में बढ़ोतरी होने की भी संभावना बना हुआ है। लोगों ने बताया कि वार्ड क्रमांक 3 में बने आंगनवाड़ी भवन के सामने शासकीय जमीन है जहां लोगों ने दिनदहाड़े मकान बनाने के उद्देश्य से नीव खुदना प्रारंभ कर दिया है यही नहीं कन्हर नदी के किनारे काफी मात्रा में शासकीय जमीन है जहां लोग बिना किसी प्रवाह के कब्जा करते जा रहे हैं स्थानीय लोगों को समझ में नहीं आ पा रहा है कि आखिर कार्यवाही करने में प्रशासन निष्क्रिय के क्यों दिख रही है।

कब्जा धारियों को पट्टा मिलने की बात से और बढ़ा अतिक्रमण- यदि हम कई वर्ष पूर्व की बात करें तो शहर में शासकीय जमीन भरमार थी परंतु प्रशासन के निष्क्रियता वाह अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं करने के कारण अतिक्रमणकारियों में मनोबल बढ़ते जा रहा है जिसके कारण आज आलम यह है कि शासकीय जमीन को दिन प्रतिदिन कब्जा किया जा रहा है। अतिक्रमणकारियों के लिए सोने पर सुहागा कहा जा सकता है कि प्रदेश शासन के द्वारा शासकीय जमीनों को कब्जा किए जाने के बाद पट्टा मिलने की बात कहीं गई है जिसके कारण और भी बेधड़क होकर दूसरे राज्यों से आकर लोग कब्जा करना प्रारंभ कर दिया है।

नहीं होती कोई सुनवाई- शहर में हो रहे शासकीय जमीन की अतिक्रमण को लेकर कई जनप्रतिनिधियों सहित आम नागरिकों ने राजस्व विभाग के आला अधिकारियों को कई मर्तबा मौखिक एवं लिखित शिकायत भी किया हुआ है परंतु कहीं ना कहीं इनकी मनो इच्छा में कमी होने के कारण कब्जाधारियों का मनोबल बढ़ा लहुआ है। आम नागरिकों का कहना है कि शहर में कई ऐसे प्रमुख शासकीय जमीन है जहां भविष्य में भवन निर्माण कराया जा सकता है परंतु इसके लिए हम लोगों ने कई मर्तबा राजस्व विभाग के आला अधिकारियों को शिकायत भी किए हुए हैं परंतु उनके द्वारा किसी भी तरह नहीं किया गया है। इनके कार्रवाई नहीं किए जाने से शासकीय जमीन ही बच पाएगी और न हीं  कोई शासकीय भवन निर्माण हो पाएगी।

कई गिरोह सक्रिय- इस संबंध में बताया गया कि शहर सहित दूसरे राज्यों से आकर कई गिरोह सक्रिय हैं जिनके द्वारा बेधड़क शासकीय जमीन को कब्जा करते हुए प्लाटिंग कर लोगों को मात्र स्टांप में एग्रीमेंट करके बिक्री कर दिया जा रहा है लोग भी 50 से 1 लाख रुपए तक के प्रति डिसमिल के हिसाब से बकाश जमीन खरीदी कर रहे  है और उसमें बेधड़क मकान निर्माण भी हो जा रही है परंतु इस ओर प्रशासन आंख बंद की हुई है।

 
ब्याज की तरह बढ़ रहा है रकबा- यह सर्वविदित है कि सेटलमेंट के वक्त जितना भूमि की रकबा होती है उतना हमेशा रहेगी। भले ही उसके कई खरीदार होने पर सैकड़ों बटांकन हो सकते हैं परंतु यदि स्थानीय शहर की बात करें तो कई ऐसे भी जमीन है जिनके बी वन और खसरा में अन्य किसी व्यक्तियों के नाम अंकित करा दिया गया है यह कार्य बिना किसी राजस्व विभाग के कर्मियों के नहीं हो सकती है । क्योंकि जमीन की बही खाता पटवारी और आरआई के पास ही रहती है और इनके मिलीभगत के बिना नहीं हो सकता।

होगी कार्यवाही- इस संबंध में एसडीओपी नितेश कुमार गौतम ने कहा कि यदि कोई दूसरे राज्यों से व्यक्ति आकर नगर में रहता है तो और वे संदिग्ध पाए जाते हैं तो उनके विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध की जाएगी और आम जनता से भी अपील किया जाता है कि ऐसे लोगों को पतासाजी कर पुलिस को बतावे।                               
                                               

एसडीएम अभिषेक गुप्ता ने कहा कि शासकीय जमीन पर अतिक्रमण करना अपने आप में अपराध है यदि कोई यह सोचे कि बाद में उन्हें पट्टा दी जाएगी तो वह अंधेरे में ना रहे हैं। हमें भी शिकायत मिली है जिसको लेकर तहसीलदार को निर्देशित की गई है कि अतिक्रमणकारियों को बेदखल करें।

Please follow and like us:
Pin Share

Categorized in: