रामानुजगंज (विकाश कुमार केशरी) छत्तीसगढ़ के सरहद से सटे हुए हुए झारखंड के आधा दर्जन से अधिक गांव की करीब 20 हजार की आबादी रामानुजगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज के लिए निर्भर है यहां के ओपीडी में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ बड़ी संख्या झारखंड के मरीजों की रहती है परंतु लॉकडाउन के कारण झारखंड की 20 हजार की आबादी इलाज के लिए प्रभावित हो रही है। जहां से प्रतिदिन रामानुजगंज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीज आते थे।
गौरतलब है कि झारखंड के ग्राम गोदरमाना, हाटदोहर ,चुटिया, दुर्जन, बलिगढ़,गोबरदाहा, बेरिया सरईडी ,जनेवा ,मदगढ़ी, लीला पत्थर भौरी, बूढ़ारास, बरवाही, बिश्रामपुर सहित अन्य गांव के लोग इलाज के लिए प्रतिदिन रामानुजगंज आते थे परंतु लॉकडाउन के कारण अंतर्राज्यीय आने जाने पर पूर्णत रोक लग गया है जिससे इन गांव की करीब 20 हजार की आबादी से प्रभावित हो रही है।
दवा के लिए भी है रामानुजगंज पर निर्भर- छत्तीसगढ़ की सरहद से सटे हुए एक दर्जन से भी अधिक गांव के लोग दवा के लिए भी रामानुजगंज पर ही निर्भर है प्रतिदिन दवा लेने यहां आते हैं परंतु लाकडाउन के कारण दवा भी लेने नहीं आ पा रहे हैं जिससे उन्हें बड़ी परेशानी हो रही है।
रामानुजगंज के बाद गढ़वा डाल्टेनगंज है विकल्प- छत्तीसगढ़ के सीमा से सटे हुए झारखंड के दर्जनों गांवों के लोग इलाज एवं दवा के लिए रामानुजगंज पर निर्भर रहते हैं उनके लिए रामानुजगंज ज्यादा आसान रहता है रामानुजगंज के बाद सीधे हुए गढ़वा एवं डाल्टनगंज का रुख करते हैं।

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