बिश्रामपुर। जीजा द्वारा किराए पर चलवाए जाने हेतु दिए गए स्कार्पियो वाहन को दो भाईयों द्वारा फर्जीवाड़ा कर बिक्री किए जाने के नाम पर लाखों की धोखाधड़ी करने वाले दोनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। लटोरी पुलिस ने बताया कि गतदिनों 26 सितंबर को ग्राम पंचायत करवां निवासी मोहम्मद ताहीर अंसारी ने चौकी लटोरी में रिपोर्ट दर्ज कराया कि भटगांव निवासी निर्भय पासवान अपने भाई जेपी पासवान उर्फ जयप्रकाश को अपना जीजा रविकांत प्रसाद पासवान बनाकर जीजा के नाम पर स्कार्पियों को ताहीर अंसारी को 10 लाख 20 हजार रुपए में सौदा तय कर बिक्री कर दिया था। बिकी की रकम 5 लाख रुपए नगद प्राप्त कर शेष राशि नाम ट्रान्सफर होने के बाद देना तय हुआ था। इसी बीच स्कार्पियों वाहन जिस कंपनी से फायनेंस हुआ था, उस फाइनेंस कंपनी वालों ने वाहन का किश्त जमा न होने पर वाहन को सीज कर ले गए। वाहन के दस्तावेज के आधार पर असली वाहन स्वामी से सम्पर्क कर बात होने पर इस पूरे मामले का खुलासा होने पर ठगी होने का आभास हुआ। प्रार्थी की रिपोर्ट पर निर्भय पासवान व जेपी पासवान उर्फ जयप्रकाश के विरूद्ध धारा 420, 34 के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया था। पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू ने धोखाधड़ी के फरार आरोपियों की पतासाजी कर गिरफ्तार करने के निर्देश चौकी प्रभारी को दिए थे। आरोपियों की पतासाजी की गई, जिसमें नई तकनीक की भी मदद ली गई। इसी बीच मुखबीर से सूचना प्राप्त हुई कि दोनों आरोपी औरगांबाद बिहार में लुकछीप कर रह रहे हैं। सूचना के बाद चौकी लटोरी की पुलिस टीम ने औरगांबाद बिहार में दबिश देकर आरोपी निर्भय पासवान पिता शत्रुधन पासवान (28 वर्ष) एवं जेपी पासवान उर्फ जयप्रकाश पिता शत्रुधन पासवान (34 वर्ष) को पकड़ लिया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपने जीजा के स्कार्पियों वाहन को कूटरचित दस्तावेज तैयार कर छल पूर्वक बिक्री कर रकम हासिल करना स्वीकार किया। मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायलय पेश कर दिया है। कार्रवाई में लटोरी चौकी प्रभारी धनंजय पाठक, एएसआई मनोज पोर्ते, प्रधान आरक्षक विशाल मिश्रा, आरक्षक अशोक कनौजिया, ललन सिंह, युवराज यादव व रौशन सिंह सक्रिय रहे।

Categorized in: