बुढ़ापे का बनाना चाहता था सहारा लेकिन उसी ने ले ली जान
अंबिकापुर. एक युवक ने अपने नाना को डंडे से मार कर मौत की घाट उतार दिया। वृद्ध के कोई पुत्र न होने के कारण वह अपने नाती को ही घर में रख कर अपने हाथों से पालन-पोषण किया था। जिस व्यक्ति को लालन-पालन कर बड़ा किया उसी ने उसकी जान ले ली। घटना बुधवार की दोपहर धौरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बिल्हमा दर्रीपारा की है। धौरपुर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिर तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार ६५ वर्षीय कस्टु नगेसिया धौरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बिल्हमा दर्रीपारा का रहने वाला था। उसके कोई पुत्र न होने के कारण उसने अपने नाती को अपने घर में रख कर इसलिए पालन-पोषण कर रहा था ताकि बुढ़ापा में उसका सहारा बन सके। इधर नाती शिवलाल सहारा बनने के बजाए उसकी ही जान ले ली। बुधवार की दोपहर नाना किसी बात को लेकर उसे फटकार लगाई थी। इस बात से नाराज होकर वह अपने नाना के हाथ से ही डंडा छीनकर उसके सिर व शरीर के अन्य हिस्सों में बेदम पिटाई कर दी। सिर में डंडे से गंभीर चोट लगने से वह मौके पर ही बेहोश हो गया। घटना की जानकारी गांव वालों को होने पर ग्रामीणों ने इसकी जानकारी धौरपुर पुलिस को दी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। यहां कस्टु मौके पर बेहोश पड़ा हुआ था और सिर से खून निकल रहा था। पुलिस ने संजीवनी १०८ की मदद से उसे इलाज के लिए धौरपुर अस्पताल भिजवया। अस्पताल पहुंचते ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी शिवलाल के खिलाफ धारा ३०२, २०१ के तहत अपराध दर्ज कर उसे गिर तार कर लिया है।

काम नहीं करता था शिवलाल
शिवलाल कुछ काम नहीं करता है और गांव में घूमता रहता था। बुधवार की दोपहर तीन बजे शिवलाल पत्नी से खाना मांग कर खा रहा था। इस दौरान उसके नाना ने कहा कि कुछ काम नहीं करते हो और केवल घूमते रहते हो। इस बात से नाराज होकर उसने नाना की डंडे से बेदम पिटाई की थी।

Categorized in: