बलरामपुर(राजेन्द्र ठाकुर)- बलरामपुर रामानुजगंज जिले में खनिज विभाग की अकर्मण्य रवैया एवं खनिज माफियाओं को सह देने से तेजी से खनिज संपदा का दोहन हो रहा है जहां रेत का अवैध कारोबार धड़ल्ले से जिले में जगह-जगह हो रहा है वही गिट्टी मुरम का भी उत्खनन एवं परिवहन हो रहा है परंतु खनिज विभाग मात्र मूकदर्शक बना हुआ है यहां तक की जिले में हो रहे रेत के अवैध कारोबार को लेकर राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम प्रमुखता से आवाज उठा चुके हैं यहां तक कि अवैध खनिज के दोहन का मामला राज्यसभा में भी उठ चुका है परंतु जिले के खनिज अधिकारियों के कानों में जूं नहीं रेंग रही है।

गौरतलब है कि बलरामपुर रामानुजगंज जिले में खनिज अधिकारियों की भूमिका संदेहास्पद है ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि एक और खनिज संपदा का खुलेआम लूट हो रहा है दूसरे और खनिज अधिकारी कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं जबकि जिले के जनप्रतिनिधि कई बार मुखरता से आवाज भी उठा चुके हैं। जिले में खनिज संपदा प्रचुर मात्रा में है परंतु इसका अवैध दोहन भी कुछ महीनों से बढ़ गया है खनिज माफिया का खनिज अधिकारियों से सांठगांठ का आलम यह है कि शिकायत करने एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों के आवाज उठाने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं होती जिससे खनिज माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि उनका अवैध खनिज संपदा का कारोबार दिन-रात फल-फूल रहा है परंतु अधिकारी अपने कमरे से बाहर निकलने तक की जहमत नहीं उठा पाते हैं।

खनिज अधिकारी नहीं उठाते फोन- एक ओर खनिज संपदा का दोहन प्रचुर मात्रा में हो रहा है वहीं दूसरी ओर जिला खनिज अधिकारी जनप्रतिनिधि या स्थानीय पत्रकार जब उनको फोन करते हैं तो वह फोन पर उठाने की जहमत नहीं उठा पाते हैं ऐसे में कार्यवाही करना तो बेमानी ही साबित होगी।

खनिज संपदा के अवैध दोहन के लिए हो चुका है कई बार आंदोलन- बलरामपुर रामानुजगंज जिले में खनिज संपदा का किस प्रकार से अवैध दोहन हो रहा है इसे ऐसे समझा जा सकता है कि कुसमी से लेकर सनावल तक खनिज संपदा के अवैध दोहन को लेकर जन प्रतिनिधि सवाल तो उठा ही चुके हैं वहीं आंदोलन तक कर चुके हैं परंतु खनिज विभाग की स्थिति ऐसी है कि कार्यवाही तो दूर जनप्रतिनिधियों की बात तक नहीं सुनते।

अवैध रेत उत्खनन का राज्यसभा में उठ चुका है मामला- बलरामपुर रामानुजगंज जिले के खनिज विभाग के अधिकारी कैसे बेलगाम है इसे हम ऐसे समझ सकते हैं कि राज्यसभा में सांसद रामविचार नेताम के द्वारा जिले में रेत के अवैध कारोबार का मामला प्रमुखता से उठाया था परंतु जिले के अधिकारी इसके बाद भी इस पर संज्ञान नहीं ले रहे हैं कहीं न कहीं उनकी खनिज माफियाओं से सांठगांठ को ही दर्शाता है।

जिला प्रशासन को लेना पड़ेगा संज्ञान- जिस प्रकार से जिले में खनिज विभाग के लापरवाही से खनिज संपदा की लूट मची है उसके लिए जिला प्रशासन को ही संज्ञान लिए जाने की आवश्यकता है क्योंकि जिला खनिज अधिकारी के द्वारा जिस प्रकार कार्यशैली है उससे उनसे कार्यवाही करना बेमानी साबित होगा।

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