बलरामपुर रामानुजगंज (विकाश कुमार केशरी)- जिले में विगत कई वर्षों से खुले आसमान के नीचे धान उपार्जन केंद्रों में धान की खरीदी की जाती रही है वहीं चबूतरा का भी निर्माण नहीं होने से काफी असुविधा का सामना किसानों को एवं समिति को लोगों लोगों को धान खरीदी के दौरान उठाना पड़ता था जिसे देखते हुए राज्य शासन के स्वीकृति के पश्चात  मनरेगा के तहत जिले में 85 चबूतरा का निर्माण कराया जा रहा है जिसमें प्रथम चरण में 48 चबूतरा का निर्माण पूर्ण हो चुका है वही जल्दी 37 चबूतरा का निर्माण जल्द पूर्ण कर लेने का दावा मनरेगा के अधिकारी कर रहे हैं।

                                        गौरतलब है कि बलरामपुर रामानुजगंज जिले में पिछले वर्ष 37 धान उपार्जन केंद्र बनाए गए थे। वही इस वर्ष 2 धान उपार्जन केंद्र बढे हैं। वही जबसे धान खरीदी प्रारंभ हुई है तब से इक्का-दुक्का समितियों को छोड़कर अधिकांश समितियों में खुले आसमान के नीचे धान की खरीदी होती रही है वहीं चबूतरा के अभाव में धान खरीदी करने में किसानों को एवं समिति के लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता था इस बीच छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा मनरेगा के तहत जिले के समितियों में 85 चबूतरा का निर्माण स्वीकृत किया गया । प्रथम चरण में 48 चबूतरा का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है वहीं 37 का निर्माण जल्द पूरा किया जाने का दावा मनरेगा के अधिकारियों के द्वारा किया जा रहा है।

एक धान उपार्जन केंद्र में तीन से चार चबूतरा का हुआ है निर्माण-  जिले के प्रत्येक धान उपार्जन केंद्र में तीन से चार चबूतरा का निर्माण किया गया वहीं प्रत्येक चबूतरा की लागत दो-दो लाख रुपए है जो मनरेगा के तहत स्वीकृत की गई है। चबूतरा निर्माण से किसानों को एवं समिति के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

धान रहेगा सुरक्षित समितियों को होगा लाखों का फायदा- पहले धान खरीदी करने के बाद उसे रखने के लिए बोरों में भूसा भर के उसके ऊपर धान रखा जाता था जिसमें काफी खर्च आते ही थे वही तमाम उपायों के बाद नीचे का धान खराब हो जाता था जिससे अब समितियों को निजात मिलेगा एवं इससे समितियों को लाखों का फायदा  होगा।

चबूतरा निर्माण से किसान एवं समिति के लोग हैं उत्साहित- जिले में 85 चबूतरो का निर्माण किया जा रहा है। चबूतरा निर्माण से किसान एवं समिति के लोग भी उत्साहित। चबूतरा नहीं होने से किसानों को एवं समिति के लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता था अब उससे उन्हें निजात मिलेगी।

भविष्य में लग सकता है शेड- जिले में बने एवम बन रहे सभी चबूतरो में शेड लग सके इसके लिए चबूतरो के चारों कोनों पर एवं बीच में बोल्ट लगाए गए हैं ताकि भविष्य में आसानी से शेड का निर्माण किया जा सके।

इस संबंध में  मनरेगा के सहायक परियोजना अधिकारी रणवीर साय ने बताया कि पहले चरण रामचंद्रपुर कुसमी बलरामपुर, वाड्रफनगर, राजपुर  विकासखंड में में 48 चबूतरा का निर्माण धान उपार्जन केंद्रों में किया जा चुका है वही दूसरे चरण शंकरगढ़,वाड्रफनगर,बलरामपुर,कसमी विकासखंड में चबूतरो का निर्माण किया जा रहा है। श्री साय ने कहा कि जल्द ही यहां भी चबूतरा का निर्माण पूर्ण कर लिया जाएगा।

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